हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसके नतीजे मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे घोषित किए गए। लंबे इंतजार और चुनाव आयोग की दखल के बाद शुरू हुई मतगणना में एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में गई।
संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्ध ने दर्ज की जीत
इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।
मतों के आंकड़ों की बात करें तो कुल 83 वैध वोट पड़े, जिनकी कुल वोट वैल्यू 8300 रही। जीत के लिए आवश्यक कोटा 27.66 तय किया गया था। भाजपा के संजय भाटिया 2766.66 वोट वैल्यू मिली, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 2800 वोट वैल्यू प्राप्त हुए। वहीं निर्दलीय सतीश नांदल को 2733.33 वोट वैल्यू मिली, जो जीत के लिए पर्याप्त नहीं थी।
कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और उन्होंने मामूली अंतर से निर्दलीय उम्मीदवार को हराया। चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग, वोट रद्द होने और गोपनीयता को लेकर भी विवाद सामने आए, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।
अन्य राज्यों में एनडीए का दबदबा
अगर अन्य राज्यों की बात करें तो बिहार, ओडिशा और अन्य जगहों पर हुए चुनाव में एनडीए का दबदबा देखने को मिला। बिहार की पांचों सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जिससे विपक्षी दलों की चिंता बढ़ गई है। कुल 37 सीटों में से 26 पहले ही निर्विरोध तय हो चुकी थीं, जबकि बाकी सीटों पर मुकाबला रोचक रहा।
कुल मिलाकर, हरियाणा का परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जहां करीबी मुकाबले ने राज्य की राजनीति को नई दिशा देने के संकेत दिए हैं।