नागर विमानन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने घरेलू हवाई किरायों(Domestic Flight Fares) पर लगी अस्थायी सीमा (फेयर कैप) को हटाने का फैसला किया है। यह निर्णय 23 मार्च 2026 से लागू होगा। सरकार ने साफ किया है कि अब एयरलाइंस को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, लेकिन यात्रियों के हितों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों लगाया गया था किराया कैप ?
पिछले साल इंडिगो में पायलटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो गई थीं। इससे टिकटों की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 6 दिसंबर 2025 को किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी थी। इसके तहत:
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500 किमी तक: अधिकतम ₹7,500
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1,000–1,500 किमी (जैसे दिल्ली–मुंबई): ₹15,000
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1,500 किमी से अधिक: ₹18,000
इन सीमाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से तय सीमा से ज्यादा किराया न वसूला जाए।
23 मार्च 2026 से हट जाएंगी सभी सीमाएं
मंत्रालय के नए आदेश के मुताबिक, 23 मार्च 2026 से ये सभी सीमाएं हटा दी जाएंगी। हालांकि एयरलाइंस कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किराया तय करते समय पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
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टिकट की कीमतें बाजार की स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए
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यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए

