ईरान-इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद इस हफ्ते सोना और चांदी निवेशकों के लिए झटका साबित हुए हैं। सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 13,700 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी प्रति किलो 32,700 रुपये सस्ती हुई।
1 मार्च को 24 कैरेट सोना 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब घटकर 1,45,970 रुपये पर आ गया है। इसी तरह, चांदी की कीमत 3,15,000 रुपये से घटकर 2,45,000 रुपये प्रति किलो रह गई है।
सोने के बजाय डॉलर में निवेश
विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को अधिक समय तक ऊंचा रखने के संकेत दिए हैं। इससे निवेशक सोने के बजाय डॉलर में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे सोने की मांग घट रही है।
दूसरी ओर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने और चीन के केंद्रीय बैंक की सोने की खरीद में कटौती ने भी कीमतों पर दबाव डाला है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, “भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद बाजार महंगाई और उच्च ब्याज दरों के जोखिम पर केंद्रित रहा। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे ऊर्जा महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं।”
सोने और चांदी में बड़ी खरीदारी से बचें
निवेशकों के लिए मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने सलाह दी है कि अभी सोने और चांदी में बड़ी खरीदारी से बचें। उन्होंने कहा, “निवेशक बाजार के निचले स्तर पर पहुंचने का इंतजार करें और एकमुश्त खरीदारी के बजाय धीरे-धीरे निवेश करें। छोटे-छोटे SIP के माध्यम से निवेश करना बेहतर रहेगा।”
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनावों में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले समय में सोना और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को सतर्क रहकर ही निवेश करना चाहिए।
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