9 अप्रैल को कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी करीब 4000 रुपये सस्ती होकर 2,35,958 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना भी 561 रुपये फिसलकर 1,51,215 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब इससे पहले दोनों धातुओं में लगातार तेजी देखी जा रही थी।
हाल के दिनों में तेजी के बाद आया बदलाव
पिछले कुछ दिनों में बुलियन मार्केट में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। सोना 1.15 लाख रुपये से बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां 6 अप्रैल को यह 2,34,043 रुपये और 7 अप्रैल को 2,30,881 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जबकि अब यह 2,44,041 रुपये के आसपास दर्ज की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 0.87 फीसदी गिरकर 4,735 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत 1.91 फीसदी गिरकर 73.955 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर भी दबाव बना हुआ है।
पहले क्यों आई थी तेजी?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में वैश्विक जोखिम की स्थिति में सुधार, अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुलने जैसी खबरों ने भी सोने की मांग को बढ़ावा दिया था, जिससे इसकी कीमतें ऊंचे स्तर तक पहुंच गई थीं।
गिरावट के पीछे क्या है बड़ी वजह
हालांकि अब बाजार में बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे सोने की मांग पर दबाव पड़ता है।
विशेषज्ञों की सलाह, समझदारी से करें निवेश
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो-पॉलिटिकल तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए। वहीं चांदी को ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला माना जाता है, इसलिए इसमें निवेश करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए मिला मिला-जुला संकेत
कुल मिलाकर, सोना और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार में अस्थिरता का संकेत देती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार की चाल को समझकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
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