बॉलीवुड की मशहूर डांसर और अभिनेत्री नोरा फतेही इन दिनों अपनी फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने इस गाने के खिलाफ फतवा जारी किया है।
फतवे में क्या कहा गया
शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इफ्राहिम हुसैन द्वारा जारी फतवे में गाने की सामग्री को इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ और ‘गुनाह-ए-कबीरा’ (बड़ा पाप) बताया गया। फतवे में कहा गया कि अश्लील गाने, नृत्य और आपत्तिजनक दृश्य बनाना या उनमें भाग लेना हराम है। संस्था ने सरकार से मांग की कि ऐसे कंटेंट पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और आम जनता से अपील की कि वे इसका बहिष्कार करें।
नोरा फतेही का खुलासा
विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए नोरा फतेही ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया और सफाई दी। नोरा ने कहा, “मुझे जो बताया गया, वह बिल्कुल भी वल्गर नहीं था। लेकिन अब बिना मेरी अनुमति के इसका हिंदी वर्जन रिलीज कर दिया गया, जिसमें लिरिक्स बहुत खराब हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में उनकी और संजय दत्त की जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे AI तकनीक से बनाई गई हैं।
संसद और सरकारी कार्रवाई
गाने की अश्लीलता पर संसद में भी चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदोरिया ने इसे मुद्दा बनाया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया कि विवादित गाने पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसे यूट्यूब से हटा दिया गया।
NCW और NHRC की जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद सिर्फ धार्मिक संगठनों तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने भी गाने पर नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया है। यह मामला बॉलीवुड, धार्मिक संगठन और संवैधानिक संस्थाओं के बीच विवाद का नया उदाहरण बन गया है, जिसमें कलाकार, मेकर्स और समाज के मूल्य सभी सवालों के घेरे में हैं।