Wednesday, March 4, 2026
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कौन सी थी वो डिज़ास्टर फ़िल्म जिसकी वजह से राजपाल यादव को हुई जेल? कभी अमिताभ बच्चन ने की थी सराहना

Rajpal Yadav
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बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों नहीं, बल्कि निजी संकट को लेकर चर्चा में हैं। कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय से दर्शकों को हंसाने वाले इस कलाकार ने कभी फिल्ममेकर बनने का सपना देखा था। लेकिन वही सपना आगे चलकर उनके लिए भारी पड़ गया। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा और तिहाड़ जेल तक जाना पड़ा।

सरेंडर से ठीक पहले राजपाल यादव ने भावुक अंदाज़ में कहा था, “सर, मेरे पास पैसे नहीं हैं… मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा।” जब उनसे पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री से कोई दोस्त मदद करेगा, तो उन्होंने दर्द भरे शब्दों में जवाब दिया, “यहां हम सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं। इस मुश्किल से मुझे खुद ही निकलना होगा।” उनके इस बयान ने कई लोगों को झकझोर दिया। सबसे पहले अभिनेता सोनू सूद ने मदद की पेशकश की, और फिर अन्य लोगों ने भी समर्थन जताया।

अमिताभ बच्चन ने की थी तारीफ

साल 2012 में राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ के जरिए निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। यह फिल्म उनके लिए बेहद खास थी, क्योंकि इसमें उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि पत्नी के साथ मिलकर प्रोड्यूस और डायरेक्ट भी किया।

फिल्म के म्यूजिक लॉन्च पर अमिताभ बच्चन विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे थे।  उस मंच पर बिग बी ने राजपाल की जमकर तारीफ की थी। भावुक होकर राजपाल ने अमिताभ बच्चन को ‘भीष्म पितामह’ कहा था। आज वही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 

‘अता पता लापता’ बनी संकट की वजह

2 नवंबर 2012 को रिलीज हुई ‘अता पता लापता’ एक म्यूजिकल सटायर फिल्म थी, जो सरकारी व्यवस्था, भ्रष्टाचार और नौकरशाही की खामियों पर व्यंग्य करती थी। फिल्म में आशुतोष राणा, विजय राज, ओम पुरी, मनोज जोशी, असरानी, दारा सिंह और विक्रम गोखले जैसे अनुभवी कलाकार नजर आए।

करीब 11 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं।हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। जहां लागत करोड़ों में थी, वहीं कमाई महज लगभग 42 लाख रुपये तक सिमट गई। 

क्या दिखाती है राजपाल यादव की कहानी

राजपाल यादव की कहानी यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत कम होती है। एक समय जिनकी मेहनत की तारीफ अमिताभ बच्चन जैसे महानायक कर रहे थे, आज वही कलाकार संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। यह सफर न केवल सपनों की कीमत बताता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि हर चमकती दुनिया के पीछे कठिन सच्चाइयां छिपी होती हैं।

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