पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भी बैसाखी के अवसर पर दिल्ली से 409 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान(Delhi to Pakistan) की यात्रा पर जाएगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (DSGSMC) के प्रतिनिधियों के साथ यह जत्था वाघा बॉर्डर के रास्ते रवाना होगा। श्रद्धालुओं को 10 से 19 अप्रैल तक का वीजा जारी किया गया है और वे इस दौरान अपने धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
हालांकि, इस बार यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसकी वजह पिछले वर्ष गुरुनानक जयंती के दौरान हुई एक घटना है, जब जत्थे के साथ पाकिस्तान गई एक महिला लापता हो गई थी। बाद में यह सामने आया कि उसने वहां इस्लाम कबूल कर एक स्थानीय युवक से निकाह कर लिया। इस घटना को ध्यान में रखते हुए समिति ने इस बार सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
409 श्रद्धालुओं के वीजा को मिली अनुमति
DSGSMC के सदस्य परमजीत सिंह चंडोक के अनुसार, कुल 451 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, लेकिन इनमें से 409 को ही अनुमति मिली। जिन लोगों को वीजा नहीं मिला, उनमें ज्यादातर वे थे जिनके नाम के साथ ‘सिंह’ या ‘कौर’ नहीं था या वे सहजधारी परिवारों से संबंधित थे। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे देश से करीब 2840 श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए वीजा दिया गया है।
10 अप्रैल की सुबह वाघा बॉर्डर में करेंगे प्रवेश
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, सभी श्रद्धालु 10 अप्रैल की सुबह वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में प्रवेश करेंगे और Gurdwara Panja Sahib में बैसाखी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाएंगे। समिति का कहना है कि पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार पूरी यात्रा के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा सके।