आगामी फिल्म ‘केडी द डेविल’ का गाना “चुनर सरके” इन दिनों विवादों के केंद्र में है। नोरा फतेही और संजय दत्त के फिल्म का यह गाना अपने कथित अश्लील और दोअर्थी बोलों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहा है। बढ़ते विवाद के बीच इस गाने के हिंदी वर्जन को यूट्यूब से हटा दिया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप पर एक नई बहस छिड़ गई है।
विनीत जिंदल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखित शिकायत
मामला तब तूल पकड़ गया जब एडवोकेट और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखित शिकायत भेजी। अपनी शिकायत में उन्होंने इस गाने को “अश्लील और अभद्र” बताते हुए कहा कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित नहीं की जानी चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे गाने समाज, विशेषकर युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने फिल्म की स्टारकास्ट, गीतकार और निर्देशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाने के हिंदी संस्करण को यूट्यूब से हटा दिया। यह कदम जहां कुछ लोगों द्वारा सराहा जा रहा है।
“चुनर सरके” को फिल्म के प्रमोशनल कैंपेन का एक अहम हिस्सा
“चुनर सरके” को फिल्म के प्रमोशनल कैंपेन का एक अहम हिस्सा माना जा रहा था। गीतकार रकीब आलम द्वारा लिखे गए इस गाने को एक डांस नंबर के रूप में पेश किया गया था। हालांकि, इसके बोलों और प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों ने इसकी लोकप्रियता पर असर डाला है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मनोरंजन और अश्लीलता के बीच की सीमा क्या है और इसे कौन तय करता है। जहां एक ओर कुछ लोग कड़े नियंत्रण की मांग कर रहे हैं, वहीं अन्य का मानना है कि कला और अभिव्यक्ति को इस तरह सीमित करना उचित नहीं है।
अब देखना यह होगा कि फिल्म निर्माता इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं, क्या वे गाने में बदलाव करेंगे, कोई नया संस्करण जारी करेंगे या कानूनी रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, “चुनर सरके” विवाद ने मनोरंजन जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।