हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड (LSD) बरामदगी(LSD drug bust) के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस केस में कार्रवाई करते हुए CID की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, ये सभी पुलिसकर्मी नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए गठित STF में तैनात थे।
फिलहाल इनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इनका इस पूरे मामले में क्या संबंध है। निलंबित किए गए कर्मियों में दो हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। मामले की जांच शिमला पुलिस और सीआईडी दोनों स्तरों पर गंभीरता से की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि बरामद की गई LSD की खेप कुल्लू क्षेत्र में सप्लाई की जानी थी, जहां रेव पार्टियों में इसके इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 11 मार्च को शिमला पुलिस की एक विशेष टीम ने संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 11.570 ग्राम LSD (करीब 562 स्ट्रिप्स) बरामद हुई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से केरल के कालीकट निवासी नविएल हैरिसन को भी गिरफ्तार किया।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह ड्रग नेटवर्क गोवा, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों से होते हुए हिमाचल तक सक्रिय था। पुलिस को शक है कि इस खेप को कुल्लू के कसोल इलाके में आयोजित होने वाली रेव पार्टियों में खपाया जाना था। फिलहाल तीनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।