बिहार(Bihar) सरकार ने पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्र खोलने की योजना बनाई है, ताकि आम नागरिकों को आधार कार्ड से जुड़े कामों में आसानी हो। इस पहल का पहला चरण राज्य की 2000 पंचायतों में केंद्र स्थापित करने पर केंद्रित होगा। पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बुधवार (8 अप्रैल, 2026) को इस संबंध में जानकारी दी। पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर बिहार के 21 जिलों – पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज, अररिया, पश्चिम चंपारण, सुपौल, वैशाली, बेगूसराय, मधेपुरा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सारण, सीवान, खगड़िया, सहरसा, शिवहर, किशनगंज और सीतामढ़ी – के उप-विकास आयुक्तों, जिला पंचायत राज पदाधिकारियों और जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की गई।
बैठक में आधार सेवा केंद्र खोलने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए और सभी संबंधित अधिकारियों को 15 अप्रैल तक चयनित पंचायतों में केंद्र शुरू करने का निर्देश दिया गया। नवीन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग राज्य की सभी पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोलने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिक आधार कार्ड से जुड़ी पंजीकरण, अपडेट और अन्य सेवाएं आसानी से ले सकेंगे।
मृत्यु प्रमाण-पत्र 24 घंटे में निर्गत करने का आदेश
इस योजना के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत 1 अप्रैल 2026 से मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है। नवीन कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि पंचायतों में स्थित मोक्षधाम और कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के बाद 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाए।
इसके अलावा, विभागीय पदाधिकारियों को नियमित रूप से 24 घंटे में जारी प्रमाण-पत्रों की संख्या की समीक्षा करने और शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया गया है। इस पहल से न केवल पंचायतों में डिजिटल और नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति भी आएगी।