लोकसभा में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Amit Shah) ने अमृतसर में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में CBI जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला पंजाब राज्य का है, लेकिन यदि पंजाब के सांसद लिखित रूप में मांग करें तो इसे तुरंत केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जा सकता है। इस मामले को सबसे पहले अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने उठाया।
औजला ने कहा कि यह घटना पंजाब में बनाए जा रहे गोदामों से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि कुल 50 हजार टन क्षमता वाले गोदामों में से 20 हजार टन का हिस्सा पंजाब कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता को दिया जा चुका था, जबकि बाकी 30 हजार टन के गोदामों के लिए रंधावा पर दबाव डाला जा रहा था। औजला की बात पूरी होने से पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला राज्य का है, लेकिन अगर पंजाब के सभी सांसद लिखित रूप में मांग करें तो CBI तुरंत जांच कर सकती है।
FCI के लिए बनाए जाते हैं गोदाम
पंजाब में जो भी गोदाम बनते हैं, वे एफसीआई (Food Corporation of India) के लिए बनाए जाते हैं। इन गोदामों के निर्माण की जगह, क्षमता और अन्य विवरण एफसीआई से अनुमोदन के बाद ही तय किए जाते हैं। राज्य सरकार इन गोदामों का निर्माण निजी ठेकेदारों के माध्यम से करवाती है।
वर्तमान में 50 हजार टन क्षमता के टेंडर जारी किए गए थे, जिनमें से कुछ गोदाम मंत्री लालजीत भुल्लर के पिता को आवंटित किए जाने की कोशिश की गई। DM गगनदीप सिंह रंधावा ने जब इन दबावों को स्वीकार नहीं किया, तो कथित रूप से उन्हें प्रताड़ित किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें मारा भी गया और उनके परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकियां दी गई। इस घटना ने प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।