Amethi LPG Black Marketing: अमेठी में एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संपूर्ण समाधान दिवस में मिली शिकायत के आधार पर पूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी कर भारी अनियमितताओं का खुलासा किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व पूर्ति निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने किया।
गोदाम में स्टॉक और रिकॉर्ड में मिला बड़ा अंतर
जांच टीम जब दुर्गापुर रोड स्थित केवलापुर गांव में संचालित गैस एजेंसी के गोदाम पहुंची, तो भौतिक सत्यापन के दौरान विभागीय पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। कई श्रेणियों के सिलेंडरों में कमी और अधिकता सामने आई, जिससे गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई।
1295 सिलेंडरों का हेरफेर
जांच में 14.2 किलो के घरेलू भरे सिलेंडर 556 कम मिले, जबकि 432 खाली सिलेंडर अधिक पाए गए। इसके अलावा 17 दोषपूर्ण सिलेंडर भी गायब थे। 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडरों में 30 भरे और 212 खाली सिलेंडर कम मिले। 10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर में भी गड़बड़ी सामने आई, जबकि 5 किलो के 29 भरे सिलेंडर पूरी तरह गायब पाए गए। कुल मिलाकर 1295 सिलेंडरों का हेरफेर उजागर हुआ है।
दस्तावेज नहीं दिखा पाए कर्मचारी
छापेमारी के दौरान एजेंसी के कर्मचारी जरूरी दस्तावेज जैसे स्टॉक रजिस्टर और डिलीवरी रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके। एजेंसी संचालक मनदीप सिंह मौके पर मौजूद नहीं मिले, जिससे मामले में संदेह और बढ़ गया।
स्टॉक दूसरी एजेंसी को सौंपा गया
जिलाधिकारी संजय चौहान की अनुमति के बाद एजेंसी मालिक के खिलाफ पेट्रोलियम गैस (विनियमन) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही गोदाम में मौजूद सभी सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से दूसरी गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया गया है।
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पूरे मामले की रिपोर्ट Indian Oil Corporation (IOC) को भेज दी गई है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जिले में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य गैस एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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