अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (3 मार्च) को ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद वॉशिंगटन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले और अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए ईरान को जल्द ही जवाब मिल जाएगा।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका का प्रत्युत्तर निर्णायक होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान में जमीनी सेना भेजने की आवश्यकता उन्हें नहीं लगती। उनके अनुसार, “मुझे नहीं लगता कि ग्राउंड फोर्स तैनात करने की जरूरत पड़ेगी।”
अमेरिका ने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने की दी सलाह
इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अब तक की कार्रवाई अंतिम नहीं है और “सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है।” उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि संभावित संघर्ष 4 से 5 हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ी तो अभियान और लंबा भी खिंच सकता है।
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “ईरान को जल्द ही पता चल जाएगा कि उसके इस कदम का क्या परिणाम होगा।” बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हिंसक झड़पें और तेज हो गई हैं। वॉशिंगटन ने अपने नागरिकों से इलाके के अधिकांश हिस्सों से तत्काल निकलने की अपील की है।
सोमवार की देर रात सुनाई दी जोरदार आवाज
हमले के बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के हवाले से बताया गया कि रियाद स्थित दूतावास को निशाना बनाकर दो मानवरहित हवाई वाहन (UAV) दागे गए। सोमवार रात रियाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के ऊपर जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया।
यह क्षेत्र में अमेरिका के हालिया कूटनीतिक प्रतिष्ठानों में से एक था, जिस पर हमला हुआ। बताया जा रहा है कि ईरान ने इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में मिसाइलों और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू की है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।