शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SCPC) में हाल ही में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। यह फैसला संस्था के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी द्वारा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इन बदलावों के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के विभागों में फेरबदल किया गया है, जिससे संगठनात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।
सबसे अहम निर्णय सचिव प्रताप सिंह से गुरुद्वारा सेक्शन 85 विभाग की जिम्मेदारी वापस लेने का रहा। यह विभाग ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रबंधन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाता है। अब इस विभाग की जिम्मेदारी अतिरिक्त सचिव गुरिंदर सिंह को सौंपी गई है, जो स्वतंत्र रूप से इसका कार्यभार संभालेंगे।
SGPC ने क्यों उठाया ये बड़ा कदम ?
यह कार्रवाई गुरुद्वारा श्री अंब साहिब की जमीन बेचने के विवादित मामले के बाद की गई। बताया जा रहा है कि जमीन बिक्री के कॉन्ट्रैक्ट पर सचिव प्रताप सिंह के हस्ताक्षर थे, जिसके चलते मामला विवादों में घिर गया। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष के निर्देश पर उनका तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया। उनकी जगह गुरिंदर सिंह मथरेवाल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में वित्तीय ढांचे में भी बदलाव किए गए हैं। जसविंदर सिंह जैसी को धर्म प्रचार समिति का फाइनेंसियल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। वहीं, धर्म प्रचार समिति के पूर्व फाइनेंसियल सेक्रेटरी गुरदियाल सिंह को ट्रस्ट विभाग, विदेश विभाग और विद्या विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों को संस्था की कार्यप्रणाली में संतुलन और दक्षता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई नियुक्तियों से प्रचार-प्रसार में मजबूती
विभागीय सूत्रों का कहना है कि गुरुद्वारा सेक्शन 85 और फ्लाइंग विभाग के इंचार्जों का भी पुनर्गठन किया गया है। अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि ये सभी परिवर्तन संगठन में पारदर्शिता और प्रशासनिक गति को बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि नई नियुक्तियों से गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंधन, धार्मिक गतिविधियों और प्रचार-प्रसार कार्यों में और मजबूती आएगी। ये सभी प्रशासनिक परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और SGPC प्रबंधन अब नए ढांचे के तहत कार्य करेगा।