पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पंजाब पुलिस ने 9 फरवरी को ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ की शुरुआत की। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए इस बड़े अभियान के तहत वांछित अपराधियों से जुड़े प्रदेशभर में 2,760 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
इस व्यापक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 1,895 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 1,250 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 40 भगोड़े अपराधी भी शामिल हैं। इसके अलावा 298 लोगों को एहतियातन हिरासत में रखा गया, जबकि 666 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
72 घंटे तक चलेगा ऑपरेशन
पुलिस के स्पेशल डीजीपी (कानून व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि यह अभियान लगातार 72 घंटे तक चलेगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर साझा की जा सकती है।
12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में
ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेशभर में करीब 12 हजार पुलिसकर्मियों की 2 हजार टीमें तैनात की गई हैं। सभी पुलिस थानों को जिला कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन प्लान तैयार कर कार्रवाई की जा सके।
DGP का सख्त संदेश
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा भटके हुए रास्ते पर चले गए हैं और आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उन्हें पूरा अवसर दिया जाएगा।
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
डीजीपी ने बताया कि इस अभियान के जरिए फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही और जिम्मेदारी तय की जाएगी। एसएसपी समेत सभी संबंधित अधिकारियों और उनके अधीन काम करने वाले स्टाफ की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन किया जाएगा।
फेज-1 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरव यादव ने जानकारी दी कि ऑपरेशन प्रहार का पहला चरण 20 जनवरी से शुरू किया गया था। उस दौरान 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 2,973 मामलों में प्रिवेंटिव डिटेंशन की गई। वहीं 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद रिहा किया गया था। डीजीपी ने यह भी बताया कि राज्य में करीब 7,000 हथियार लाइसेंस रद्द किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।