इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव(Middle East) अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है, जहां परमाणु ठिकाने भी निशाने पर आ गए हैं। नतांज परमाणु सुविधा पर इजरायल की एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने कड़ा जवाब दिया है।
इजरायली सेना (Israel Defense Forces) के मुताबिक, शनिवार को ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ दक्षिणी इजरायल के शहरों अराद और डिमोना तक पहुंचीं। इन हमलों को नतांज पर हुए हमले की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
परमाणु अनुसंधान केंद्र के लिए विकसित है डिमोना
डिमोना विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। इजरायल की आपातकालीन सेवा मगन डेविड अदोम (MDA) ने बताया कि हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।
हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिसकी पुष्टि इजरायल के विदेश मंत्रालय ने की है। घायलों में एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसे मिसाइल के छर्रे लगे हैं और उसकी हालत मध्यम बताई जा रही है। अधिकतर लोग धमाके के बाद बंकरों की ओर भागते समय गिरने या छर्रों की चपेट में आने से घायल हुए।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने क्या कहा ?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने कहा है कि उसे इस घटना की जानकारी है, लेकिन अब तक नेगेव परमाणु केंद्र को किसी नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं। साथ ही, आसपास के इलाकों में रेडिएशन स्तर भी सामान्य पाए गए हैं।
इजरायली अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ईरानी मिसाइल देश की एयर डिफेंस प्रणाली को पार कर डिमोना तक कैसे पहुंची। डिमोना से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित यह परमाणु सुविधा लंबे समय से इजरायल के संभावित परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ी मानी जाती रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे केवल अनुसंधान केंद्र बताया जाता है, लेकिन दशकों से यह माना जाता है कि यहीं इजरायल ने अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित किया।