ईरान और इज़राइल(Iran-Israel war) के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता पैदा कर दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की बड़े पैमाने पर वापसी शुरू हो गई है। अब तक करीब 10 हजार भारतीय अलग-अलग देशों से स्वदेश लौट चुके हैं। इनमें से लगभग 3 हजार नागरिकों को ईरान से विशेष विमानों के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया।
कुवैत से लौटे करीब ढाई हजार भारतीय
कुवैत से करीब ढाई हजार भारतीय वापस लौटे हैं, जबकि लेबनान में बढ़ते हमलों के कारण बेरुत से 1500 से अधिक लोग भारत आ चुके हैं या वापसी की प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और कतर से भी लगभग 3 हजार भारतीयों ने स्वदेश वापसी की है। सरकार की मदद से ज्यादातर लोग चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए मुंबई और दिल्ली पहुंच रहे हैं।
यात्रियों के लिए बनाए गए विशेष सहायता केंद्र
यात्रियों की सुविधा के लिए केरल के कोच्चि और कोझिकोड, अमृतसर और लखनऊ में विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं, ताकि लौट रहे प्रवासियों को जरूरी सहयोग मिल सके। विदेश मंत्रालय ने ईरान और लेबनान के लिए “रेड अलर्ट” जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को इन देशों की यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुबई से Air India की पहली उड़ान आज दिल्ली पहुंची, जिससे वहां फंसे यात्रियों को बड़ी राहत मिली। सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर VT-EDC विमान के जरिए कुल 149 यात्री सुरक्षित उतरे। हालांकि भारत से दुबई जाने वाली कुछ उड़ानों को एहतियातन बीच रास्ते से लौटना पड़ा।
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