देवरिया जिले में नकली नोट बनाने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसका सरगना समाजवादी पार्टी से जुड़ा एक नेता निकला। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 1.18 लाख रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बाद में प्रयागराज पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक यादव सहित दो फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी गंगानगर कुलदीप गुनावत ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने खुलासा किया कि वह पहले भी इसी मामले में जेल जा चुका है और देवरिया के रामपुर करखाना क्षेत्र से जुड़ा रहा है।
100 से 500 रुपये के नकली नोट चलाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था। विवेक यादव के निर्देशन में सभी आरोपी मिलकर नकली नोट तैयार करते और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाते थे। गिरोह के सदस्य छोटे ग्रामीण बाजारों में 100 से 500 रुपये के नकली नोट चलाने की कोशिश करते थे, ताकि आसानी से पकड़े न जाएं।
विवेक यादव पहले लड़ चुका है जिला पंचायत चुनाव
जांच में सामने आया कि देवरिया में एक कमरे में नकली नोट छापे जाते थे और फिर उनकी सप्लाई की जाती थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मुख्य आरोपी की गतिविधियां पिछले करीब छह साल से संदिग्ध थीं। उसके पास कई वाहन भी थे और अक्सर बाहरी लोग उसके घर आते-जाते रहते थे।
बताया जा रहा है कि विवेक यादव पहले जिला पंचायत चुनाव भी लड़ चुका है और आगामी चुनाव की तैयारी में था। पुलिस ने पहले भी उसे कई बार हिरासत में लिया था, लेकिन हर बार वह बच निकलता था।
गिरफ्तार आरोपी:
राहुल यादव (भदोही)
विवेक कुमार यादव (भदोही)
नरेंद्र यादव उर्फ विराट (देवरिया)
धर्मेंद्र कुमार (देवरिया)
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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