अयोध्या में विवादास्पद बाबरी ढांचा गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत सभी 12 आरोपियों को मंगलवार को जमानत मिल गई. विशेष सीबीआई अदालत में आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई. आरोपियों ने डिस्चार्ज ऐप्लिकेशन देकर अपने खिलाफ चार्ज खारिज करने की मांग की थी. उनका कहना है कि ढांचा गिराए जाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है. कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी. इसका मतलब यह है कि इनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और साजिश से जुड़ी धारा भी जोड़ी जाएगी. आपको बता दें कि

अयोध्या (यूपी) राम मंदिर निर्माण को लेकर चली आ रही चर्चा के बीच गुरुवार शाम को मुस्लिम कारसेवक मंच के सदस्य अयोध्या पहुंचे. राम मंदिर निर्माण के अभियान के तहत अयोध्या पहुंचे मुस्लिम कारसेवक मंदिर बनाने के लिए अपने साथ एक ट्रक ईंट भी लाए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 50 की संख्या में रामलला के दर्शन करने पहुंचे कार सेवकों ने ईटों से भरे ट्रक को पूरे शहर में घूमाकर ‘जय श्री राम’ और ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे लगाए. उनका कहना है कि राम मंदिर वहीं बनाया जाना चाहिए, इससे देश का निर्माण होगा. हालांकि, पुलिस ने कारसेवकों को विवादित परिसर

दिल्ली बीजेपी नेता और केंद्र सरकार में मंत्री उमा भारती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हमारे खिलाफ कोई भी साजिश नहीं हुई, सब खुल्लम-खुल्ला हुआ है. अयोध्या, गंगा और तिरंगे के लिए मैं कोई भी सजा भुगतने को भी तैयार हूं. उन्होंने कहा, आज ही रात को अयोध्या जा रही हूं. रामलला के दर्शन करूंगी. राम मंदिर के लिए जो करना होगा करूंगी. उमा ने कहा कि हां मैं 6 दिसंबर को मौजूद थी, इसमें साजिश की कोई बात नहीं. अयोध्या आंदोलन में मेरी भागीदारी थी, मुझे कोई खेद नहीं. मैं इसके लिए कोई भी