पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते नहीं हुआ हजारों मामलों का निपटारा, हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब को दिए आदेश

पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते नहीं हुआ हजारों मामलों का निपटारा, हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब को दिए आदेश

हमेशा किसी ना किसी बात को लेकर विवाद में रहने वाली खाकी इस बार एक नए मामले में घिरती नजर आ रही है। हरियाणा और पंजाब पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते 68 हजार से अधिक मामलों में कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद उसे कोर्ट में दाखिल नहीं किया गया।

जिसके चलते मामले से जुड़े व्यक्तियों को मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक याचिका की सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को ऐसे सभी मामलों में इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष कैंसिलेशन रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने यह आदेश गुरनाम सिंह नाम के व्यक्ति की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिए। दअरसल गुरनाम सिंह ने 2013 में धोखाधड़ी के एक मामले में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।

इस पर हाईकोर्ट का ज्ञात हुआ कि मामले में 2017 में ही कैसलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली गई थी, लेकिन उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया। मामले की सुनवाई की दौरान पंजाब सरकार की ओर से एक सप्ताह में रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट ने इस मामले पर हैरानी जताते हुए कहा था कि 7 साल पहले कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद इसे दाखिल नहीं किया गया।

इस मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब को ऐसे सभी मामलों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया था, जिसमें कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के छह माह बाद भी अदालत में पेश नहीं की गई।

हरियाणा की ओर से एडीजीपी क्राइम ममला सिंह ने एफिडेविट दाखिल कर बताया था कि इस प्रकार के 64183 मामले अभी लंबित है, जबकि पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि 4331 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार है।

लेकिन उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आदेश दिया है कि इन सभी मामलों में इलाका मजिस्ट्रेट के सामने जल्द से जल्द कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी जाए।