राहुल गांधी भाजपा की चिंता छोड़ अपनी दोनों सीटों की करें चिंता: अनिल विज

राहुल गांधी भाजपा की चिंता छोड़ अपनी दोनों सीटों की करें चिंता: अनिल विज

चंद्रशेखर धरणी, चंडीगढ़:

जन समर्पित और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत नेता अनिल विज की सामाजिक और राजनीतिक यात्रा बारे उन्होंने मीडिया से खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति परिवार -बिरादरी- धन और बाहुबल के दम पर होती है।

बावजूद इसके यह सब कुछ न होने के बावजूद छावनी की जनता ने उन्हें 6 बार आशीर्वाद दिया है और वह हमेशा क्षेत्र की जनता के प्रति निष्ठाभाव से रहेंगे। उन्होंने वर्तमान के कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत करते हुए नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ़ की।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की सभी 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी भारी अंतर से जीतने जा रही है। क्योंकि नरेंद्र मोदी के प्रति जनता की आस्था है और देश को नरेंद्र मोदी की जरूरत है। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत है:

प्रशन: आपकी सामाजिक- राजनीतिक यात्रा और जीवनशैली से आप कितना संतुष्ट है?

उत्तर: मैं काफी हद तक संतुष्ट हूं। क्योंकि आज की तारीख में राजनीति परिवार- बिरादरी- धन और बाहुबल के दम पर की जाती है। लेकिन इनमें से मेरे पास कुछ भी नहीं है। फिर भी अंबाला छावनी की जनता ने मुझे 6 बार आशीर्वाद देकर विधायक बनाया है।

मेरे साथ उनका प्यार है। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मेरे जैसे व्यक्ति को 6 बार विधायक बनाना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है। इसलिए मेरा हमेशा यही मन करता है कि मैं पूरा दमखम अंबाला छावनी के लिए लगा दूँ।

मेरी प्रवृत्ति भी यही है कि मैं हर काम को शत प्रतिशत या तो करता हूं या बिल्कुल ही नहीं करता हूं। अंबाला की जनता ने जब-जब मुझे मौका दिया मैंने हमेशा अधिक से अधिक बेहतरी से काम करने का प्रयास किया है। क्योंकि अंबाला को हमेशा इग्नोर किया गया है।

किसी भी राजनीतिक शक्ति ने यहां की समस्याओं का समाधान नहीं किया। मैंने अपनी ताकत अनुसार हमेशा कुछ बैटर करने की कोशिश की है।

इस कारण अंबाला ने काफी उपलब्धियां हासिल की है। आज हमारा सरकारी अस्पताल बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों से बेहतर सुविधाएं दे रहा है। आज हमारे पास एक बहुत सुंदर सुभाष पार्क है ओर भी बहुत ही उपलब्धियां हैं।

प्रशन: अपने क्षेत्र के प्रति अनिल विज जैसी दीवानगी और मोहब्बत वाले नेता हर क्षेत्र को मिलने चाहिए, ऐसा मैं मानता हूं?

उत्तर: हमारे क्षेत्र में बहुत से काम अभी चल रहे हैं जो कंप्लीट होने के काफी नजदीक हैं। आजादी की पहली लड़ाई में अंबाला के लोगों का एक बड़ा योगदान रहा है। लेकिन कांग्रेस ने हमेशा यही पाठ पढ़ाया कि आजादी की पहली लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी।

लेकिन जब मैंने इतिहास को गहराई से पड़ा तो 1855 से 28 साल पहले 1827 में ही इसकी शुरुआत हुई। जिसका बहुत कम जिक्र है। ऐसा बच्चों को नही पढ़ाया गया।

लेकिन जब मैंने इससे सम्बंधित सारे डॉक्यूमेंट देखे, तो मैं बहुत हैरान हुआ कि अंबाला छावनी से इस लड़ाई की शुरुआत हुई थी। भिन्न-भिन्न सरकारों के सामने मैंने 2 दशकों तक इस मुद्दे को उठाया। उन हीरोज की याद में एक स्मारक बनाने की मांग की।

लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। लेकिन आज यहां एक राष्ट्रीय स्तर का 500 करोड़ की लागत से शहीदों के सम्मान में एक स्मारक बनाया जा रहा है जिन्होंने देश की आजादी की पहली लड़ाई में कुर्बानियां दी, किसी ने खून बहाया, इस स्मारक में सब कुछ दिखाया जाएगा।

बहुत से शहीदों की कुर्बानियों को हमसे छुपाया गया। तात्या टोपे, नाना साहेब, लक्ष्मीबाई को सम्मान देना और उनकी शहादत को समझना आज की बड़ी जरूरत है।

प्रशन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल का स्टेचू बनाया, क्या आपकी भी ऐसी सोच है?

उत्तर: देखिए हमें किसी प्रकार का कोई क्रेडिट नहीं चाहिए। जो जो होना चाहिए था जो उस वक्त नहीं हुआ हम उस काम को कर रहे हैं। हम ऐतिहासिक गलतियां सुधार रहे हैं।

प्रशन: RSS के स्टूडेंटस की विचारधारा हमेशा देशभक्ति को समर्पित होती है, इसके बारे में कुछ बताएं?

उत्तर: बिल्कुल, मैं विद्यार्थी जीवन से ही लगभग 1969-70 में जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, तो प्रोफेसर गोपाल कृष्ण जी ने मुझे विद्यार्थी परिषद का महामंत्री बनाया। मेरी संघ में पहचान हुई और मैं कार्यक्रमों में नियमित जाने लगा।

संघ में राष्ट्रीयता की भावना लगातार पढ़ाई जाती थी। देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान कैसे किया जाए, यह समझाया जाता था और मैं इससे बहुत प्रभावित हुआ। उसी का नतीजा है कि मैं हमेशा देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहता हूं।

प्रशन: आपके जनता दरबार लगातार लोगों के दुख तकलीफों को दूर करते थे, उसके बारे में कुछ बताएं ?

उत्तर: देखिए अगर मैं सरकार हूं, तो लोगों की दुख तकलीफों का समाधान करना मेरा कर्तव्य है। मैं सप्ताह में 1 दिन प्रदेश के लोगों के दुख दर्द सुनता था और समस्याओं का समाधान करने की मेरी कोशिश रहती थी।

मुझे याद है कि एक दिन रात को दरबार समापन में 2 बज गई तो सुबह 7 बजे ही हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी का फोन आया कि आप रात को दो-दो बजे तक जाग रहे हो, तो मैंने कहा कि मैं सरकार हूं और अगर कोई मेरे दरवाजे पर आएगा तो उसे सुना जाना चाहिए। दिन तो बदलते रहते हैं मेरा फर्ज समस्याओं का समाधान करना है।

प्रशन: इसीलिए ही मैंने कहा कि केवल एक विज ही नहीं, बल्कि सभी नेताओं में विज जैसी दीवानगी की जरूरत है और अधिकारी भी आपका काम नहीं रोकते थे?

उत्तर: देखिए गलत काम मैं करता नहीं और किसी भी हालत में ठीक काम रुकना नहीं चाहिए। चाहे काम कोई भी हो, चाहे तरीका कोई भी हो मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि काम होना चाहिए।

लेकिन मेरा एक नेगेटिव पॉइंट है कि मैं हर बात को कह देता हूं। क्योंकि सच सच है और रब को भी सच पसंद है। सत्यम शिवम सुंदरम, यही मेरी कमजोरी है कि मैं सच कहता हूं और जिससे वह संबंधित होता है उसके सामने भी कह देता हूं।

मैंने इस कमजोरी की वजह से जिंदगी में बहुत नुकसान उठाएं हैं। मुझे लोग कहते हैं कि राजनीति में आंखें कहीं व निशाना कहीं होना चाहिए। लेकिन हमारी आंखें जहां होती हैं हमारा निशान भी वही होता है।

प्रशन: आने वाले समय में अंबाला छावनी को लेकर आपका ख्याल क्या है?

उत्तर: बहुत से प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के हमारे कई काम पाइपलाइन में भी है। ऑल वेदर स्विमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है।

जिमनास्टिक स्टेडियम, बैडमिंटन हॉल, सिविल हॉस्पिटल बिल्कुल नया बनाया जिसमें सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैंने कैंसर अस्पताल बनाया है। जिस वक्त मैं स्वास्थ्य मंत्री बना तो यहां सरकारी अस्पताल में ओपीडी केवल 200 थी, आज लगभग 3000 हैं।

अंबाला छावनी में एयरपोर्ट मंजूर करवाया है जिसमें काम चल रहा है और दिवाली से पहले पहले जहाज उडाने की मेरी सोच है। हम लगातार काम करने में लगे हुए हैं।

अनेकों काम अधूरे पड़े हैं, वह जल्द पूरे हो जाए। कई कार्य व प्रोजेक्ट्स विभाग और ठेकेदार के बीच झगड़े के कारण कोर्ट में है उसे भी निपटाने की कोशिश में लगे हुए हैं। जनहित के कार्यों में मैं कभी कोई देरी करता।

प्रशन: मैं कई बार महसूस करता हूं कि आपकी अधिकतर बातें मोदी जी की नीतियों की ट्रांसलेशन होती है?

उत्तर: मोदी जी और मैं एक ही स्कूल के विद्यार्थी हैं जो किताबें उन्होंने पढी हैं मैंने भी वही पढी है। इसलिए मेरी सोच भी उनके मुताबिक ही है। हम आरएसएस से पढ़कर आए हैं। वहीं से हमें काम करने की प्रेरणा मिली है।

प्रशन: आप पहली बार मोदी जी से कब मिले?

उत्तर: जब मुरली मनोहर जोशी जी की यात्रा थी और श्रीनगर में झंडा फहराने के लिए जा रहे थे उस कार्यक्रम के संचालक नरेंद्र मोदी जी थे।

वह अंबाला छावनी आए और मैं भी उनके साथ श्रीनगर गया था। बहुत से लोग उसमें शामिल हुए थे। लेकिन श्रीनगर में सिलेक्टेड लोगों को ही जाने दिया गया था।

प्रशन: वोटरस से आपकी क्या अपील है?

उत्तर: हम मोदी जी के लिए हर दर पर जा रहे हैं। हमारा ऑपरेशन दस्तक लगातार जारी है। आज जनता भाजपा को देश की जरूरत मान चुकी है। जगह-जगह हमारा स्वागत हो रहा है।

लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है। यह एक बड़ी बात है और सभी 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी जीतने जा रही है। शहर की नस देखकर बता सकता हूं कि नरेंद्र मोदी जी ने 400 पार की जो बात कही है जनता 400 पार अवश्य देगी।

लोग मन बन चुके हैं। लोगों ने खूब देख लिया है कि आजादी के बाद अटल बिहारी के वक्त को छोड़ दें तो नरेंद्र मोदी के सिवा किसी ने काम नहीं किया। पहली बार लाल किले से देश के किसी प्रधानमंत्री ने झंडा फहराते वक्त स्वच्छता की बात कही।

अगर पहले किसी प्रधानमंत्री ने कही होती तो देश स्वच्छ हो गया होता। धारा 370, राम मंदिर निर्माण और तीन तलाक का समाधान ऐसे बहुत से कामों की फहरिस्त है जो दूसरों से नरेंद्र मोदी जी को अलग खड़ा करती है।

हर घर नल से जल- आयुष्मान योजना- हर घर में सिलेंडर गरीब की एक बड़ी मदद साबित हुई है। पहले चुनाव में केवल आश्वासन मिलते थे, आज नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए काम किसी से छुपे नहीं है।

प्रशन: लेकिन राहुल गांधी कह रहे हैं कि 200 सीटें भी नहीं आएंगीं भाजपा की?

उत्तर: राहुल गांधी को भाजपा की चिंता छोड़ देनी चाहिए। उन्हें कांग्रेस की चिंता करनी चाहिए या यूं कहें कि उन्हें अपनी दोनों सीटें देखनी चाहिए कि वह दोनों जीतेंगे या दोनों ही हारेंगे।

अगर दोनों जीत भी गए तो वह वायानाड की सीट छोड़ेंगे या रायबरेली की। भारतीय जनता पार्टी अपनी चिंता लेने में खुद समर्थ है।

प्रशन: प्रियंका गांधी भी प्रचार प्रसार में खूब लगी है?

उत्तर: लोग खूब देखते हैं कि किसने क्या किया और किसने क्या कहा। इनके पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। देश के सामने कितने भी झूठे नारे लगाए देश की जनता सब जानती है।

प्रशन: इंडिया गठबंधन के बारे में क्या कहेंगे?

उत्तर: ‘कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा’ यही इंडि गठबंधन है। इनका पूरा स्वरूप देख लो कि यह क्या कहते हैं और इन्होंने किया क्या है। मेरा दावा है कि हरियाणा की सभी 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी एक बड़े अंतर से जीतने जा रही है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंबाला आए, जिस प्रकार से लोगों में उत्साह था उनकी बात सुनने का, उन्हें देखने का यह लोगों के दिलों में उनके प्रति समर्पित भाव को दर्शाने के लिए काफी है। लोगों की उमड़ी भीड़ इस बात की सबूत थी कि भारतीय जनता पार्टी हर चुनाव जीतने जा रही है।