हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया आईपीएस कैडर स्ट्रेंथ रि-शेड्यूल का प्रस्ताव MHA ने लौटाया

हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया आईपीएस कैडर स्ट्रेंथ रि-शेड्यूल का प्रस्ताव MHA ने लौटाया

चंद्र शेखर धरणी, चंडीगढ़:

हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया आईपीएस कैडर स्ट्रेंथ रि-शेड्यूल का प्रस्ताव MHA ने लौटा दिया है। एमएचए (गृह मंत्रालय) की ओर से सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को कई ऑब्जेक्शन लगाकर वापस भेज दिया है।

राज्य ने 11 अगस्त को केंद्र सरकार को IPS अधिकारियों के लिए स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद में एक प्रस्ताव भेजा था।

सूत्रों की माने तो राज्य ने कैडर की संख्या को मौजूदा 144 से बढ़ाकर 167 करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें कैडर पद, एक्स-कैडर पद और प्रशिक्षण पर अधिकारी शामिल हैं।

पद बढ़ाने की थी मांग

राज्य ने 11 अगस्त को केंद्र सरकार को IPS अधिकारियों के लिए स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद में एक प्रस्ताव भेजा था।

सूत्रों का कहना है कि राज्य ने कैडर संख्या को वर्तमान 144 से बढ़ाकर 167 करने का प्रस्ताव किया है, जिसमें कैडर पद, पूर्व-कैडर पद और प्रशिक्षण पर मौजूद अधिकारी शामिल हैं।

ये है मामला

हरियाणा सरकार 2 साल से IPS कैडर स्ट्रैंथ पुनर्निधारित नहीं करवा पा रही है। पहले तो प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया और जब प्रस्ताव भेजा गया तो गृह मंत्रालय ने ही कई सवाल खड़े कर दिए।

अब मंत्रालय की तरफ़ से ही पत्र भेजे 3 महीने हो गए हैं, मगर गृह मंत्रालय के अनुरूप प्रस्ताव अभी तक नहीं गया है। गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद वो पिछले सप्ताह फिर पत्र भेज कर पुराने पत्रों का हवाला देते हुए आग्रह है किया है की वैज्ञानिक और प्रभावी योजनाओं के बाद प्रस्ताव भेजें।

मगर सरकार यह है प्रस्ताव तैयार ही नहीं कर पा रही है, क्योंकी गृह मंत्रालय बार बार प्रदेश सरकार से यह भी पूछ रहा है की ऐक्स कैडर पदों पर ज़्यादा अफ़सरों को पदोन्नति बिना पूर्ण सहमति कैसे की जा रही है।

आइजी वाई पूर्ण कुमार ने भी गृह मंत्रालय को पत्र भेज कर नियमानुसार पदोन्नति करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, कैबिनेट सचिव, सचिव DOPT को भी भेजी है।

उन्होंने लिखा है कि गृह मंत्रालय के स्पष्ट दिशा निर्देशों और गाइडलाइंस के बावजूद हरियाणा में 6 IPS अफ़सरों को DGP रैंक में पदोन्नत किया हुआ है। जबकि 2 पद सीनियर ड्यूटी पोस्ट और दो स्टेट डेपुटेशन रिज़र्व हो सकते हैं।

गृह मंत्रालय ने भी 25 जनवरी 2023 को जो गाइडलाइंस भेजी थी यह उनका सरासर उल्लंघन है। उन्होंने लिखा है कि इस समय मोहम्मद अकील, RC मिश्रा, देस राज सिंह, शत्रुजीत कपूर, आलोक कुमार राय और संजीव कुमार जैन DGP रैंक में हैं।

RTI से जानकारी मिली है की मुख्य सचिव ने अभी तक गृह मंत्रालय के 25 जनवरी 2023 को पूछे हुए सवालों का जवाब अभी तक नहीं भेजा है। गृह मंत्रालय भी असहाय की स्थिति में नज़र आ रहा है।

गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र

गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद को पिछले सप्ताह पत्र भेजकर आग्रह किया है कि IPS कैडर स्ट्रैथ कैडर संशोधित प्रस्ताव भिजवाए।

गृह मंत्रालय ने पत्र में लिखा IPS के हरियाणा कैडर की ताक़त ओर सरंचना की समीक्षा के संबंध में हरियाणा सरकार के 19 फ़रवरी 2024 को भेजे मेमो ओर इस मंत्रालय के 12 मार्च 2024 को भेजे पत्र पर का संदर्भ लेने का आग्रह है।

IPS के हरियाणा कैडर की ताक़त ओर सरंचना की समीक्षा के लिए संशोधित प्रस्ताव अभी भी प्रतीक्षित है, इसलिए हरियाणा सरकार से ये फिर से अनुरोध किया जाता है कि वह ऊपर उल्लेख स्पष्टीकरण और दस्तावेज़ प्रदान करें।

मंत्रालय ने दोनों पत्रों की प्रति DGP को भी भेज रखी है, मगर अभी संशोधित प्रस्ताव गृह मंत्रालय को नहीं भेजा जा सका है। एक बार तत्कालीन DGP पी के अग्रवाल के समय प्रस्ताव भेजा गया था, तब भी यह प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ सका था।