सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस : पंजाब पुलिस की चार्जशीट में पुष्टि, बगल से निकल गई पुलिस, खेत में ही छिपे थे शूटर

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मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के 6 शूटरों में से 4 मानसा के जवाहरके गांव में अपराध स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर ख्याला गांव के खेत में छिपे थे, लेकिन पुलिस द्वारा न ढूंढ पाने पर मौका देखते ही शूटर बाद में फरार हो गए। बाद में दिल्ली पुलिस ने कुछ शूटरों की पहचान का एलान किया और उनमें से 3 को अलग-अलग अभियानों में पकड़ लिया।

वहीं, पूछताछ से पता चला है कि पंजाब पुलिस हरियाणा और राजस्थान के साथ सीमाओं को प्रभावी ढंग से सील नहीं कर सकी थी और भगोड़े शूटरों को दबोचने के लिए अंतर-जिला और जिले के भीतर नाके स्थापित नहीं कर सकी थी।

वहीं, कुछ ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीमों को ख्याला गांव भेजा भी गया था। हालांकि, अधिकांश बल को मानसा के सिविल अस्पताल में ले जाना पड़ा, जहां मूसेवाला के प्रशंसक काफी उग्र थे। ऐसे में पुलिस के पहुंचने तक शूटर या तो निकल चुके थे, या फिर बल की कमी के कारण पुलिस ठीक से खेतों की तलाशी नहीं ले पाई थी।

शूटर एक खेत में छिप गए, लेकिन पीसीआर वाहन बिना रुके निकल गया। यह बात दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा आरोपी शूटरों से पहली पूछताछ के दौरान सामने आई थी और अब पंजाब पुलिस को उन्हीं शूटरों के बयान से इन बातों की पुष्टि हुई है। यह सब मानसा अदालत में दायर पुलिस चार्जशीट (चालान) में उल्लिखित है।

वारदात से एक घंटे के भीतर पकड़े जा सकते थे आरोपी

चार्जशीट के अलावा दिल्ली पुलिस की जांच में भी कहा गया है कि फौजी ने सिग्नल एप इंटरनेट फोन का इस्तेमाल कर गोल्डी बराड़ को फोन किया था। बराड़ ने फिर केशव से बात की, जो मनसा शहर से तीन किलोमीटर दूर एक ढाबे पर इंतजार कर रहा था। केशव जिसके पास पहले से एक ऑल्टो कार थी, वह एक घंटे में शूटरों तक पहुंच सकता था।