उचित मूल्य की 11 दुकानों के लिए 21 मार्च तक मांगे आवेदन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हमीरपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खुलने वाली उचित मूल्य की 11 दुकानों के लिए दोबारा 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
   जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि हमीरपुर शहर के वार्ड नंबर-2, वार्ड नंबर-5, नगर परिषद सुजानपुर के वार्ड नंबर-5, ग्राम पंचायत ललीण के वार्ड नंबर-3 गांव ललीण, ग्राम पंचायत धनेड़ के वार्ड नंबर-1 गांव तलासी कलां, ग्राम पंचायत क्याराबाग के वार्ड नंबर-2 सुनवीं ब्राह्मणा, ग्राम पंचायत चौकी कनकरी के वार्ड नंबर-5 गांव कनकरी, ग्राम पंचायत बरोहा के वार्ड नंबर-2 गांव बरोहा, ग्राम पंचायत बगवाड़ा के वार्ड नंबर-2 गांव अवाहदेवी, ग्राम पंचायत डाडू के वार्ड नंबर-2 गांव डाडू और ग्राम पंचायत भगेटू के वार्ड नंबर-2 गांव भगेटू में खुलने वाली इन दुकानों के लिए 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन दुकानों के लिए इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं वेबसाइट एमर्जिंगहिमाचल डॉट एचपी डॉट जीओवी डॉट इन emerginghimachal.hp.gov.in पर आवेदन कर सकते हंै।
 जिला नियंत्रक ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के लिए पहली प्राथमिकता सार्वजनिक संस्थाएं जैसे- स्थानीय पंचायत या शहरी निकाय, स्वयं सहायता समूह, सहकारी सभा, महिलाओं तथा उनके समूह को दी जाएगी। अगर एक वार्ड में एक से अधिक संस्थाएं आवेदन करती हैं तो पंजीकृत संस्था को अधिमान दिया जाएगा।
 दुकान आवंटन के लिए दूसरी प्राथमिकता विधवा या एकल नारी, दिव्यांग व्यक्ति जोकि दुकान चलाने में सक्षम हो, भूतपूर्व सैनिक या बेरोजगार व्यक्ति को दी जाएगी। जबकि, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड को तीसरी प्राथमिकता दी जाएगी।
    आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक पास रखी गई है। आवेदन के साथ मैट्रिक का प्रमाण पत्र, उच्च शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण पत्र, वित्तीय स्थिति, दुकान की उपलब्धता और भंडारण क्षमता से संबंधित सत्यापित दस्तावेज अपलोड किए जाने चाहिए। भूतपूर्व सैनिक या शिक्षित बेरोजगार होने पर परिवार के किसी भी अन्य सदस्य के नियमित सरकारी रोजगार में न होने का प्रमाण पत्र होना चाहिए। पंचायतीराज संस्थाओं, नगर निकायों, विधानसभा और संसद सदस्यों के परिजन भी इन दुकानों के लिए पात्र नहीं होंगे। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला नियंत्रक कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।