अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक पर हमला करने के मामले में पुलिस ने 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने खाप नेता सूबे सिंह समैण समेत सौ लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, टोहाना में कार्यक्रम के दौरान यशपाल मलिक और उनके साथियों पर हमला हो गया था। पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, 14 अगस्त को एक कार्यक्रम के दौरान सर्व जाट खाप पंचायत के अध्यक्ष सूबे सिंह समैण के भेजे गए 100 लड़कों ने डंडों से हमला कर दिया, जिसपर मामला दर्ज कर लिया

जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक झज्जर में आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी ज्यादातर मांगों को मान लिया है और बाकी मांगों को भी जल्द ही मान लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी भी कुछ साथी जो जेल में बंद हैं, उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस संबंध में भी सरकार ने भरोसा दिया है कि उन लोगों को बाहर निकालने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मलिक ने कहा कि सरकार अभी तक नौकरी और मुआवजा देकर अपनी बात पर खरा उतरी है। आगे

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समित के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि हरियाणा सरकार से समिति का जिन मांगों को लेकर समझौता हुआ था, उन पर सरकार की ओर से कार्रवाई धीमी गति से चल रही है। सरकार ने अगर चार जून तक समाज की मांगों को पूरा नहीं किया तो रोहतक में प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। मलिक दादरी की नई अनाजमंडी में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मलिक ने कहा कि हमने लड़ाई खत्म नहीं की है, इस लिए एक मई से प्रदेश भर में जिला स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर

जाट आंदोलन में आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर 500 रुपये का जुर्माना लगा है।  हिसार के सीजेएम मनप्रीत सिंह की अदालत ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिसार-दिल्ली मार्ग पर गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक बाधित करने के जुर्म में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को 500 रुपये जुर्माना लगाया है। आरपीएफ ने इस बारे में 1 मार्च 2014 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने कई दिन गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक जाम रखा था। इससे रेलगाड़ियों को आवागमन