लखनऊ यूपी की राजधानी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी को 30 मई को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया. यह अदालत सन् 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है. अदालत ने आडवाणी तथा केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया. 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश में संलिप्तता को लेकर अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई में व्यक्तिगत तौर पर पेशी से

दिल्ली बीजेपी नेता और केंद्र सरकार में मंत्री उमा भारती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हमारे खिलाफ कोई भी साजिश नहीं हुई, सब खुल्लम-खुल्ला हुआ है. अयोध्या, गंगा और तिरंगे के लिए मैं कोई भी सजा भुगतने को भी तैयार हूं. उन्होंने कहा, आज ही रात को अयोध्या जा रही हूं. रामलला के दर्शन करूंगी. राम मंदिर के लिए जो करना होगा करूंगी. उमा ने कहा कि हां मैं 6 दिसंबर को मौजूद थी, इसमें साजिश की कोई बात नहीं. अयोध्या आंदोलन में मेरी भागीदारी थी, मुझे कोई खेद नहीं. मैं इसके लिए कोई भी