वाशिंगटन विवादों के घेरे में रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के रिश्तों को लेकर नई जानकारी प्रकाश में आई है। जर्मनी में सात जुलाई को जी 20 देशों के सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक से पहले भी दोनों नेता एक बार अघोषित मुलाकात कर चुके थे। यह मुलाकात राष्ट्राध्यक्षों के डिनर के बाद हुई थी। व्हाइट हाउस ने इस अघोषित मुलाकात की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर पहले से ही विवाद है। इसको लेकर अमेरिका में एक उच्चस्तरीय जांच भी चल रही है। कहा जाता है कि चुनाव में

हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर एक गांव के नामकरण को एक फर्जी और अवैध आयोजन घोषित कर दिया है. इसके साथ ही गुरुग्राम से 46 किलोमीटर दूर स्थित मरोरा गांव में ट्रंप की तस्वीर वाले बैनर उतार लिए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले बीते शुक्रवार को इस गांव का नामकरण ट्रंप के नाम पर किया गया था. एक गैर सरकारी संगठन सुलभ ने एक कार्यक्रम का आयोजन कर मरोरा गांव का नाम 'ट्रंप सुलभ गांव' रख दिया था. अधिकारियों ने गांव में लगी ट्रंप की तस्वीरों वाले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ट्रंप को कई तोहफे भेंट किए। मोदी ने ट्रंप को पंजाब के होशियारपुर का बना हुआ वुडन चेस्टर भी भेंट किया। इसके अलावा उन्होंने फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को तोहफे में हिमाचल प्रदेश का मशहूर हाथ से बना हुआ चांदी का ब्रेसलेट, कांगड़ा की चाय और शहद दिया। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की बनी हुई शॉल भी भेंट की। https://twitter.com/PMOIndia/status/879471708876398592   https://twitter.com/PMOIndia/status/879471969854308352

वॉशिंगटन गायिका और कभी फ्रांस की प्रथम महिला रही कार्ला ब्रूनी ने एक बार फिर स्पष्टीकरण दिया है कि अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वह कभी रिश्ते में नहीं रहीं. वर्ष 1991 में 49 वर्षीय गायिका और अभिनेत्री उस वक्त अखबारों की सुर्खियों में आई थीं, जब कार्ला पर मार्ला मेपल्स के साथ ट्रंप की दूसरी शादी तोड़ने का इल्जाम लगा था. कार्ला, ट्रंप के साथ अपने संबंधों को हमेशा खारिज करती रही हैं लेकिन ट्रंप ने मीडिया में इस कहानी की पुष्टि की थी. कार्ला ने 'डेली बीस्ट' को बताया, 'दरअसल पूरा मामला ही बहुत अस्पष्ट है और इसका कोई

अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक संस्था ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा संदेश जारी किया है. सीएसआईएस ने कहा है कि अमेरिका को पाकिस्तान को ये साफ कर देना चाहिए कि अगर वो तालिबान का समर्थन जारी रखता है तो उसे कोई आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी. सीएसआईएस का मानना है कि पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए अब भी पनाहगाह बना हुआ है. और वह सहयोगी देश होने की बजाय खतरा अधिक है. थिंक टैंक ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन को इस्लामाबाद को यह साफ करना चाहिए कि अगर वो तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को समर्थन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सेलफोन नंबर को विश्व के नेताओं को सौंप दिया है और उन्हें सीधे उनसे फोन करने का आग्रह किया है. ट्रंप का यह आमंत्रण राजनयिक प्रोटोकॉल को तोड़ता है. इससे अमेरिकी कमांडर की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. ट्रम्प ने कनाडा और मैक्सिको के नेताओं से अपने सेलफोन पर बात करने के लिए कहा है. वे कभी भी ट्रंप के साथ बात कर सकते हैं. इस मामले से पूर्व और वर्तमान में जुड़े अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों में से केवल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अब तक इस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में सऊदी अरब के दौरे पर थे, इस दौरान इस्लामिक समिट के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी वहां रहे. लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुई नवाज शरीफ की अनदेखी से उनके देश पाकिस्तान में इसे 'बेइज्जती' करार दिया जा रहा है, और शरीफ की काफी आलोचना भी हो रही है. पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया में कहा जा रहा है, कि इस्लामिक समिट के दौरान नवाज शरीफ अलग-थलग पड़ गये, आतंकवाद के मुद्दे पर उन्हें अपनी राय नहीं रखने दी गई. स्पीच पर की थी ढाई घंटे की मेहनत दरअसल, इस्लामिक स्टेट समिट के दौरान अमेरिकी

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लगे आरोप से इंकार किया कि उन्होंने कुछ दिनों पहले पद से हटाए गए पूर्व एफबीआई प्रमुख को धमकी दी थी। मीडिया द्वारा एक ट्वीट के बारे में पूछने पर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा कि ये कोई धमकी नहीं है उन्होंने केवल तथ्य दिया है। ट्वीट में, ट्रम्प ने लिखा था कि अगर कोमी मीडिया से बातचीत करते हैं तो तो ट्रंप प्रशासन, ट्रंप और कोमी के बीच की बातचीत का ऑडियो क्लिप जारी कर सकता है। उन्होंने आगे ट्वीट किया था कि जेम्स दुआ करें कि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जल्द ही एकतरफा पेरिस जलवायु समझौते पर बड़े फैसले का वादा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका से धन देने के लिए कहकर उसे अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है जबकि रूस, चीन और भारत जैसे प्रदूषण करने वाले बड़े देश कुछ भी योगदान नहीं दे रहे हैं. भारत, रूस, चीन नहीं देते पैसा ट्रंप ने आरोप लगाया कि एकतरफा पेरिस जलवायु समझौते की तरह, जहां अमेरिका ने अरबों डालर दिये जबकि चीन, रूस और भारत योगदान करते हैं और लेकिन कोई योगदान नहीं करते. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क संधि के तहत पेरिस जलवायु

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिका के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस के समक्ष एच1 बी वीजा का मुद्दा उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेटली ने इस मामले पर जोर देते हुए रॉस को अमेरिका और भारत के आर्थिक विकास में अत्यधिक कुशल भारतीयों के योगदान के बारे में बताया। सूत्रों के मुताबिक जेटली ने रॉस को इसे खत्म न करने की अपील की और इससे दोनों देशों को होने वाले फायदे भी बताए। बताया जा रहा कि रॉस ने एच1बी वीजा को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं और इस पर दोबारा विचार किए जाने की बात कही है। बता दें कि