दिल्ली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि अगले डेढ़ साल में तीन तलाक को खत्‍म कर दिया जाएगा. बोर्ड के उपाध्‍यक्ष डॉक्‍टर सईद सादिक ने एक अंग्रेजी न्‍यूज चैनल को यह बयान दिया और कहा कि इस मामले में सरकार को दखल देने की जरुरत नहीं है. यह बयान बोर्ड के उस दावे के दो दिन बाद आया है जिसमें कहा गया था कि देशभर की साढ़े तीन करोड़ मुस्लिम महिलाओं ने शरीयत और तीन तलाक का समर्थन किया है. बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट को कहा गया था कि इस मामले को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक मुस्लिम महिला की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। इससे उनके फंडामेंटल राइट्स की अनेेदेखी होती है। सुप्रीम कोर्ट में दायर ताजा रीप्रेजेंटेशन में केंद्र सरकार ने अपने पिछले रुख को दोहराया। कहा कि ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों की तुलना में और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले बेमेल और कमजोर बना देती हैं। केंद्र ने किया था ट्रिपल तलाक का विरोध - बता दें कि केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक, निकाह हलाला और कई शादियों जैसी प्रथाओं का विरोध किया था। केंद्र ने