रिश्वत कांड का मुख्य आरोपी तिलक राज की सरकार में इतनी ऊंची पेंठ थी की बड़े फैंसले अपने स्तर पर ही ले लेते थे. बजट डायवर्ट करने की मंजूरी भी सरकार से बाद में ही लेते थे, पहले किसी काम को कर लेते थे. कई मामलों में तिलक राज सरकार से मंजूरी लिए बिना इंडस्ट्री डवलपमेंट फंड का पैसा अपनी मर्जी से दूसरी जगह खर्च कर लेते थे. बजट डायवर्ट होने के बाद इसकी मंजूरी सरकार से ली जाती थी. हालांकि नियमों के तहत एचआेडी को भी सरकार की मंजूरी किसी फंड को डायवर्ट करने से पहले लेनी होती है. प्रदेश में