नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने पुराने नोट बदलने के लिए एक और मौका देने से साफ इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि अगर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने का फिर से मौका दिया गया, तो कालेधन पर काबू पाने के लिए की गई नोटबंदी का मकसद ही बेकार हो जाएगा. ऐसे में बेनामी लेनदेन और नोट जमा कराने में किसी दूसरे व्यक्ति का इस्तेमाल करने के मामले बढ़ जाएंगे और सरकारी विभागों को ये पता लगाने में दिक्कत होगी कि कौन से मामले वास्तविक हैं और कौन से फर्जी हैं. सरकार ने कहा कि

सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल के मुद्दे पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होना चाहिए। कोर्ट ने पंजाब से पूछा कि आखिर पंजाब ने एसवाईएल नहर का निर्माण क्यों नहीं किया। वहीं केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि हरियाणा और पंजाब आपस में मिलकर इस मसले को सुलक्षा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों सरकारें ये सुनिश्चित करें कि मामले में कोर्ट का फैसला आने तक एसवाईएल को लेकर कोई प्रदर्शन ना हो। इस मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ने नोटबंदी को लेकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने पुराने नोट बदलने की तारीख को लेकर फटकार लगाई है. कोर्ट का कहना है कि लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए दोबारा मौका क्यों नहीं दिया गया है. SC ने केंद्र सरकार को दो हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि जिस व्यक्ति का इसको लेकर कोई वाजिब कारण था, उन लोगों का क्या हुआ. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से देश में लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए 30 दिसंबर तक की डेडलाइन दी हुई थी, वहीं एनआरआई

सुप्रीम कोर्ट ने 26 हफ्ते की गर्भवती महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट में गर्भपात के लिए अपील की गई थी. कोर्ट में यह कहा गया था कि मेडिकल समस्याओं के चलते यह जरूरी है. कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था. कोलकाता की 26 हफ्ते की गर्भवती महिला के गर्भपात कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि महिला का गर्भपात कराया जा सकता है या नहीं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में सात डाक्टरों के पैनल का मेडिकल बोर्ड बनाकर महिला की मेडिकल जांच कराने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें हाई कोर्ट ने राज्यों के सभी किसानों के कर्ज माफ़ी का आदेश दिया था. इससे पहले तमिलनाडु में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने किसानों की कर्ज माफी के आदेश दिया था. हाई कोर्ट के फैसले को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी थी. मद्रास हाईकोर्ट ने नोटिफिकेशन को रद्द करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया था कि को-ऑपरेटिव बैंक से किसानों ने जो कर्ज लिए हैं उन्हें माफ किया जाए. इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने नोटॉफिकेशन जारी कर

दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रतराय को सेबी के खाते में 1500 करोड़ रुपये में से 709.82 करोड़ रुपये जमा कराने लिए 10 दिन की मोहलत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि 5 जुलाई तक बढ़ा दी. जस्टिस दीपक मिश्रा और रंजन गोगोई की पीठ ने सोमवार को राय के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि 4 जुलाई तक पैसा न जमा करने पर अवमाननाकर्ता को जेल भेज दिया जाएगा. सिब्बल ने कहा कि 790.18 करोड़ रुपये पहले ही सेबी के खाते में जमा कराए जा चुके हैं और उन्हें शेष रकम जमा कराने के लिए 10 कार्यदिवस और दिए

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि नीट के नतीजे पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है और मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर स्‍टे लगा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की याचिका पर सभी संबंधित पक्षों पर नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि कोई भी हाई कोर्ट इस मसले पर याचिका की सुनवाई न करे. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से कहा कि वह रिजल्‍ट जारी करे और काउंसलिंग शुरू करे. इसके बाद बताया जा रहा है कि बोर्ड 10 दिन के अंदर रिजल्‍ट जारी कर सकता है. इससे पहले मद्रास हाई

दिल्ली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया हलफनामा दायर किया है. बोर्ड ने कहा है कि वह अपनी वेबसाइट, विभिन्न प्रकाशनों और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के जरिए लोगों को अडवाइजरी जारी करेगा और तीन तलाक के खिलाफ जागरूक करेगा. बोर्ड ने सोमवार को कोर्ट में 13 पेज का हलफनामा दायर किया. बोर्ड ने बताया कि तीन तलाक की प्रथा को रोकने की कोशिश की जाएगी. बोर्ड के विचारों के प्रसार के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक का इस्तेमाल किया जाएगा. बोर्ड के मुताबिक, निकाह करवाने वाला शख्स सुझाव देगा कि किसी तरह के मतभेद की स्थिति में एक

आधार कार्ड अनिवार्य करने की अंतिम तारीख को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह साफ कर दिया है कि 30 जून से आधार को अनिवार्य कर दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने आज कोर्ट को बताया कि अलग-अलग समाज कल्याण योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी 30 जून की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ के सामने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि वेलफेयर स्कीम के लिए आधार को अनिवार्य बनाने का मकसद यही है कि इसका लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंचे जो अस्तित्व

दिल्ली तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में 11 मई से जारी सुनवाई गुरुवार को खत्म हो गई. सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सभी पक्षों की दलीलों को सुना. इससे पहले बुधवार को संवैधानिक पीठ ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से पूछा कि क्या औरतें तीन तलाक को ना कह सकती हैं. पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील सिब्बल से चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने पूछा कि क्या महिलाओं को निकाहनामा के समय तीन तलाक को ना कहने का विकल्प दिया