स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट और कर्ज माफी की मांग को लेकर सिरसा में किसानों का धरना 26वें दिन भी जारी है। पिछले 25 दिनों से डीएम ऑफिस के आगे धरने पर बैठे किसानों में पांच किसानों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सामन्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार उनकी मांग नहीं मान रही है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अपना धरना जारी रखेंगे।

सिरसा में शराब ठेकेदार के ड्राइवर ने दफ्तर में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि सुसाइड करने वाला अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान था। सिरसा के गांव लुदेसर निवासी राजकुमार शराब कारोबारी के पास काम करता था। मृतक के परिजनों के मुताबिक राजकुमार का अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था, जिससे परेशान होकर राजकुमार ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वहीं, पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर मृतक की पत्नी समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस वालों को तोहफा मिला है, उनका प्रमोशन कर दिया गया है। पंजाब में गैंगस्टरों और तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज की जाएगी और अपराधियों को काबू करने की कोशिशें जारी रहेंगी। यह बात पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कही। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि डीजीपी इस कार्रवाई पर खुद नजर रख रहे थे और उन्होंने फरीदकोट सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह को डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में शीघ्र ही गैंगस्टरों का सफाया कर दिया जाएगा। इस अवसर पर उनकी टीम में शामिल जसपाल सिंह थानेदार को

ऐलनाबाद की रहने वाली एक रेप पीड़ित ने इंसाफ मिलता न देख जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। पीड़त को उपचार के लिए सिरसा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, पीड़त के परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी को जांच से पहले ही निर्दाेष साबित कर उसे छोड़ दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएम विंडो में की थी। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच हुई है।

सिरसा अपनी मांगों को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने सिरसा में चक्का जाम कर दिया. रोडवेज कर्मचारी निजी बसों को परमिट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं. वहीं, प्रदर्शन की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. रोडवेज कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक निजी बसें बंद नहीं होती तब तक चक्का जाम रखेंगे.