अब दुनिया चायना या देश के दूसरे राज्यों के साथ-साथ हरियाणा के सिल्क को भी अपने पहनावे का हिस्सा बनाएगी। देशभर का पेट भरने वाला हरियाणा अब पूरी तरह नए प्रयोग, रेशम उत्पादन की तरफ कदम बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए वैज्ञानिकों की पड़ताल शुरु हो चुकी है और शुरुआती अनुमान किसानों के लिए नई राह खोलते दिखाई दे रहे हैं। रेशम का कीड़ा केवल किसानों की माली हालत को सुधारने में ही नहीं बल्कि प्रदेश के लगातार बिगड़ रहे पर्यावरण को सुधारने में बहुत बड़ा मददगार होगा। रेशम की खेती एेसी जमीन पर होगी जिनका इस्तेमाल अमुमनन खेती