मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को मंदसौर हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की. शिवराज के वहां पहुंचने से पहले इलाके में लगा कर्फ्यू हटाया गया. वहीं, किसानों पर फायरिंग के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में सत्याग्रह पर बैठे हैं. पिछले दिनों मंदसौर कर्जमाफी और उचित एमएसपी के मुद्दों पर किसानों के आंदोलन का केंद्र बन गया और इस मामले पर राजनीतिक घमासान भी छिड़ गया है. आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रदेश सरकार को विपक्षी दलों की

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मंदसौर जाएंगे. किसान आंदोलन के दौरान यहां पुलिसिया गोलीबारी में 6 किसानों की मौत हुई थी, जिसके बाद आंदोलन ने हिंसा रूप ले लिया था. मध्य प्रदेश में किसानों के खुदकुशी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 24 घंटों में अभी तक 3 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. इस बीच खबर है कि शिवराज सिंह चौहान कल मंदसौर जाएंगे. गौरतलब है कि राज्य में शांति बहाली के मकसद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बीते शनिवार उपवास पर बैठे थे, उन्होंने लगभग 27 घंटे के बाद अपना उपवास

भोपाल मंदसौर में किसानों के उग्र प्रदर्शन के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य की शांति बहाली के लिए शनिवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं. मंच पर बोलते हुए शिवराज चौहान ने कहा कि मेरी हर सांस राज्य की जनता के लिए है. साथ ही सीएम शिवराज ने कहा कि किसान के बगैर प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता. उन्होंने किसानी को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया और कहा कि किसानों को खेती का पानी पहुंचाना उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य रहा है. सीएम के अनशन के लिए लंबा-चौड़ा वाटर प्रूफ पंडाल लगाया गया है. इस बीच

भोपाल मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के 9वें दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रदेश में शांति बहाली के लिए कल से मैं अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा. उन्होंने कहा, कल सुबह 11 बजे से मैं दशहरा मैदान में बैठूंगा और जनता से चर्चा करूंगा, दफ्तर में नहीं बैठूंगा. वहीं से सरकार चलाउंगा. स्थिति पर नजर रखी जाएगी और फैसले लिए जाएंगे. अनिश्चितकाल तक वहां बैठकर काम करूंगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जब भी किसानों पर संकट आया तो मैं घर में नहीं बैठा. उनके बीच गया और उनकी समस्याएं सुलझाईं.