फतेहाबाद के बनमंदौरा गांव में मनरेगा के तहत करवाए गए कामों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गांव के निवासी बृजलाल ने खंड विकास और पंचायत अधिकारी को शिकायत देकर सरपंच और कर्मचारियों पर मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि अक्टूबर 2016 में मनरेगा के तहत जलघर की सफाई की गई थी, जिसके लिए मजदूरों का भुगतान मार्च 2017 में बैंक खातों के माध्यम से किया गया था, लेकिन बैंक खातों में जमा रकम मजदूरों की हाजरियों से मिलान नहीं करती। शिकायतकर्ता ने मामले में उपायुक्त,पंचायत मंत्री और राज्य सतर्कता ब्यूरो के अधिकारियों

बहादुरगढ़ में बामडोली गांव के सरपंच की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना बहादुरगढ़ के नाहरा नाहरी रोड पर बमडोली गांव के पास हुई। पुलिस ने बताया कि, बाइक पर सवार बदमाशों ने पहले सरपंच की स्कोर्पियो गाड़ी को रुकवाया और फिर उस पर फायरिंग कर दी। घटना के वक्त सरपंच का ड्राइवर भी मौजूद था, जो फायरिंग में बाल-बाल बच गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले को चुनावी रंजिश से जोड़कर देख रही है।

सरपंच और पंच को दसवीं पास होना जरूरी होने वाला है। यानी अब आपकी पंचायतों के सरपंच पढ़े लिखे होंगे। पंजाब सरकार ने पड़ोसी राज्य हरियाणा की तर्ज पर सूबे में पंचायती नुमाइंदों के चुनाव में शिक्षा को महत्व देने का फैसला किया है। पंजाब के गांवों में भी अब पंच व सरपंच पढ़-लिखे होंगे। राज्य मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में इस बारे में कोई फैसला लिया जा सकता है। यह कहना है पंजाब के पंचायत, पेयजल एवं सेनिटेशन मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का। उन्होंने कहा कि पंचों और सरपंचों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने पर विचार किया