सैनिटरी नैपकिनों को जीएसटी के दायरे में लाने के सरकार के फैसले का विरोध होने लगा है. महिला संगठनों का कहना है कि नैपकिन महिलाओं की महावारी सुरक्षा की जागरुकता से जुड़े हुए हैं और इसे टैक्स फ्री वस्तु के दायरे में लाना चाहिए. महिला संगठनों का कहना है कि एक तरफ से सरकार स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियानों में सैनिटरी नैपकिनों के इस्तेमाल पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पर बेहिसाब कर थोपे जा रहे हैं, जो कि न्यायसंगत नहीं है. इस मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह भारतीय