रिवालसर झील में मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। इस दौरान राहत व बचाव कार्यों में जुटे कई  विभागीय कर्मचारी बीमारी की चपेट में आ गए हैं। हालांकि, यह कर्मी अस्पताल में इलाज के लिए नहीं पहुंचे हैं, लेकिन इनमें उल्टी दस्त की शिकायत सामने आई है। पीड़ितों ने निजी क्लीनिक से दवाई ली है। वहीं, पशुपालन विभाग के डॉक्टरों ने मछलियों का पोस्टमार्टम कर बिसरा रिपोर्ट पालमपुर स्थित प्रयोगशाला के लिए भेज दी है। झील में लगातार मछलियों के मरने से क्षेत्र में महामारी फैसले का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे आशंका जताई जा रही है कि ऑक्सीजन

पवित्र रिवालसर झील के पानी का रंग बदलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अभी तक पानी के रंग बदलने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मंगलवार को मामले की जानकारी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके से नदारद रहे जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। मामले में एडीसी मंडी हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में बैठक होगी। झील के पानी के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, लोग झील के पानी का रंग बदलने को लेकर विभिन्न कयास लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले की प्रशासन को सूचना