दिल्ली अपनी स्वायत्तता पर बल देते हुए 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने से सर्वसम्मति से इनकार कर दिया. यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने दी. बता दें कि एमपीसी में रिजर्व बैंक के गवर्नर, डिप्टी गवर्नर और कार्यकारी निदेशक सहित तीन सदस्य रिजर्व बैंक से होते हैं, जबकि तीन सदस्य भारत सरकार द्वारा मनोनित किए जाते हैं. आरबीआई गवर्नर ने कहा, बैठक नहीं हुई. सभी एमपीसी सदस्यों ने वित्त मंत्रालय का बैठक संबंधी अनुरोध ठुकरा दिया है. आरबीआई गवर्नर से जब ऐसी बैठक के बारे

दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आम आदमी से जुड़ा हुआ एक बड़ा फैसला किया है. आरबीआई की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक ऐसे नोटों को स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते हैं जो या तो गंदे हैं या फिर उनमें कुछ लिखा हुआ है. आरबीआई ने कहा कि ऐसे नोटों को बेकार नहीं समझा जाना चाहिए. हालांकि, ऐसे मामलों को साफ नोट नीति के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए. खबरों के मुताबिक, आरबीआई ने इस मुद्दे के बीच साल 2013 के अपने उस बयान की याद दिलाई, जो कि सोशल मीडिया में फैली उस