बीते साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद आरबीआई ने 500 रुपये के नए नोट जारी कर दिए. हालांकि केंद्रीय बैंक ने इसके बाद दिसंबर में यह कहा था कि वह 50 रुपये और 20 रुपये के नोट जल्द लाएगा. शुक्रवार शाम को भारतीय रिजर्व बैंक ने 50 रुपये के नए नोट की पहली तस्वीर जारी कर दी है. नोट का रंग हरा है. 50 रुपये के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति भी होगी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी.

सस्ते कर्ज की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में चौथाई फीसद (0.25 फीसद) की कटौती कर दी है। अब रेपो रेट 6.25 फीसद से घटकर 6 फीसद पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो में भी चौथाई फीसद की कटौती की गई है। रिवर्स रेपो 0.25 फीसद घटकर 5.75 फीसद हो गई है। रेट कट को लेकर एकमत नहीं थे सभी एमपीसी सदस्य: एमपीसी के चार सदस्यों ने बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस प्वाइंट कम करने के पक्ष में वोट दिया था जबकि एक ने 50 बेसिस प्वाइंट की

अगर आपकी जानकारी और अनुमति के बगैर नेट बैंकिंग के जरिये आपके बैंक खाते से पैसे कट जाते है तो तीन दिन के भीतर इसकी जानकारी बैंक को देने पर आपको नुकसान नहीं होगा। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार ऐसी स्थिति में आपके खाते में फ्रॉड के चलते निकाली गई धनराशि दस दिन के भीतर वापस जमा कर दी जाएगी। रिजर्व बैंक का कहना है कि अगर ग्राहक अनधिकृत रूप से निकाली गई राशि की जानकारी चार से सात दिन के भीतर देता है तो उसकी खुद की जिम्मेदारी होगी बशर्ते यह राशि 25000 रुपये तक हो। इससे ज्यादा नुकसान की

वित्‍त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि RBI द्वारा चिन्हित 12 सबसे बड़े ऋण चूककर्ताओं या डिफॉल्टरों के नाम शीघ्र ही सार्वजनिक किए जाएंगे. केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को कहा था कि दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए 12 बड़े डिफॉल्टरों को चिन्हित किया है. बैंक ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र की कुल गैर निष्पादित आस्तियों एनपीए में इनका 12 डिफॉल्टरों का हिस्सा 25 प्रतिशत है. वित्‍त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजय सान्याल ने कहा 12 मामलों को चिन्हित किया गया है, नाम जल्द ही सार्वजनिक होंगे. फंसे कर्ज में इनका हिस्सा 25 प्रतिशत है. केंद्रीय बैंक द्वारा चिन्हित 12 डिफॉल्टरों में से

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 500 रुपये की नई सीरीज की करेंसी जारी करने की तैयारी कर ली है. नई करेंसी नोटबंदी के बाद जारी की गई 500 रुपये की नई नोट से इनसेट लेटर के मामले में अलग है. इससे पहले रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद देशभर में नई सीरीज की 500 और 1000 रुपये की नई करेंसी जारी की थी. उस वक्त नई सीरीज की करेंसी के नंबर पैनल में अंग्रेजी अक्षर 'E' छपा था. अब आरबीआई 500 रुपये की नई सीरीज अंग्रेजी अक्षर 'A' के साथ जारी करने जा रहा है. इस नोट में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल

दिल्ली अपनी स्वायत्तता पर बल देते हुए 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने से सर्वसम्मति से इनकार कर दिया. यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने दी. बता दें कि एमपीसी में रिजर्व बैंक के गवर्नर, डिप्टी गवर्नर और कार्यकारी निदेशक सहित तीन सदस्य रिजर्व बैंक से होते हैं, जबकि तीन सदस्य भारत सरकार द्वारा मनोनित किए जाते हैं. आरबीआई गवर्नर ने कहा, बैठक नहीं हुई. सभी एमपीसी सदस्यों ने वित्त मंत्रालय का बैठक संबंधी अनुरोध ठुकरा दिया है. आरबीआई गवर्नर से जब ऐसी बैठक के बारे

कई महीनों की देरी के बाद आखिर अब पेटीएम का भुगतान बैंक 23 मई से शुरू हो जायेगा. उसे इसके लिये रिजर्व बैंक से अंतिम मंजूरी मिल गई है. पेटीएम ने सार्वजनिक तौर पर जारी नोटिस में कहा है, ‘पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को रिजर्व बैंक से अंतिम लाइसेंस प्राप्त हो गया है और यह 23 मई 2017 से काम करना शुरू कर देगा.’’ पेटीएम अपना वॉलेट का पूरा कारोबार पीपीबीएल में स्थानांतरित कर देगी. इसमें 21.80 करोड़ मोबाइल बटुआ इस्तेमाल करने वाले लोग जुड़े हैं. भुगतान बैंक का यह लाइसेंस भारतीय निवासी विजय शेखर शर्मा को मिला है. विजय शेखर

आरबीआई ने वायरस अटैक पर बैंकों को चेतावनी जारी की है. आरबीआई ने बैंकों को अलर्ट करते हुए कहा है कि रैंसमवेयर वायरस का अटैक ATM पर हो सकता है. इसलिए बैंकों को इससे सचेत रहना होगा. आपको बता दें कि रैंसमवेयर वायरस अटैक अब तक का सबसे बड़ा वायरस हमला है. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) से चोरी किए गए ‘साइबर हथियारों’ का इस्तेमाल कर भारत समेत लगभग 100 देशों पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले किए गए. जिसके बाद आरबीआई ने इस वायरस को लेकर बैंको को चेतावनी जारी करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। इससे पहले

दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आम आदमी से जुड़ा हुआ एक बड़ा फैसला किया है. आरबीआई की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक ऐसे नोटों को स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते हैं जो या तो गंदे हैं या फिर उनमें कुछ लिखा हुआ है. आरबीआई ने कहा कि ऐसे नोटों को बेकार नहीं समझा जाना चाहिए. हालांकि, ऐसे मामलों को साफ नोट नीति के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए. खबरों के मुताबिक, आरबीआई ने इस मुद्दे के बीच साल 2013 के अपने उस बयान की याद दिलाई, जो कि सोशल मीडिया में फैली उस