सऊदी अरब और तीन दूसरे अरब मुल्कों ने कतर को अपने शर्तों की सूची मानने के लिए दी गई समय सीमा को 48 घंटों के लिए बढ़ा दिया है. 13 शर्तों की इस सूची के लिए आखिरी समय सीमा इससे पहले रविवार को समाप्त हो गई थी. इन शर्तों में समाचार चैनल अल जजीरा को बंद करने की भी एक शर्त रखी गई है. अल जजीरा कतर सरकार का टीवी चैनल है. सऊदी अरब, मिस्र, यूएई और बहरीन ने कतर पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. उनका आरोप है कि कतर चरमपंथ को आर्थिक मदद करता है. जबकि कतर ने इस

दोहा कतर ने अरब देशों की उन 13 शर्तों को ठुकरा दिया है, जिनके दम पर बाकी देशों से उसके रिश्ते पहले जैसे हो सकते थे. कतर की ओर से कहा गया है कि वह किसी तरह की शर्त को नहीं मानेगा, साथ ही उसकी जैसी भी हालत हैं वो उससे खुश है. न्यूज एजेंसी एसोसियेट प्रेस की जानकारी के मुताबिक कतर के राजदूत मेहसल बिन अहमद अल तानी ने अमेरिका को अपना जवाब दिया है. इस बीच उनसे इकोनॉमिक प्रेशर आने की बात कही गई तो उन्होंने साफ कर दिया कि उनका देश इसका सामना करने को भी तैयार है. उन्होंने

दुबई आतंकवाद का कथित तौर पर समर्थन करने को लेकर कतर का बहिष्कार कर रहे चार अरब देशों ने उसे 13 सूत्री मांगों की एक सूची सौंपी है. अरब देशों ने कतर से टेलीविजन चैनल अल-जजीरा को बंद करने और अपने क्षेत्रीय विरोधी ईरान से संबंधों को कम करने समेत कुल 13 सूत्री मांगों की एक सूची सौंपी है. अरब देशों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी. अरब देशों की ओर से कतर से की गई इन मांगों का उद्देश्य पिछले कई वर्षों के दौरान खाड़ी देशों में उपजे सबसे बड़े संकट का समाधान करना है. कतर के

दिल्ली कतर में फंसे अपने नागरिकों को भारत एयरलिफ्ट के जरिए निकालेगा. इसके लिए अगले सप्ताह से विशेष अभियान चलाया जाएगा. हाल ही में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन समेत सात मुस्लिम राष्ट्रों ने कतर के साथ राजनयिक संबंध खत्म कर लिए थे, जिससे खाड़ी क्षेत्र में संकट गहरा गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कतर में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस 25 जून से आठ जुलाई तक केरल और दोहा के बीच विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी. इन भारतीयों को वापस स्वदेश लाने के लिए 186 सीटों वाली बोइंग 737

कतर-खाड़ी विवाद पर अमेरिका का रवैया अभी तक उलझा हुआ और अस्पष्ट रहा है. एक ओर जहां अमेरिकी अधिकारी कतर-सऊदी विवाद पर काफी संभलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, तो वहीं राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कई बार कतर पर आतंकवाद को मदद देने के आरोपों को दोहरा चुके हैं. अमेरिका की ओर से दी जा रही इन मिश्रित प्रतिक्रियाओं की कड़ी में अब वॉशिंगटन और दोहा के बीच लड़ाकू विमानों की खरीद पर करीब 8 खरब रुपये के एक सौदे पर समझौता हुआ है. खबर के मुताबिक, इस रक्षा सौदे के तहत अमेरिका कतर को F-15 फाइटर जेट्स बेचेगा. 12 अरब डॉलर इसकी शुरुआती लागत

पाकिस्तान को अरब देशों और कतर के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश महंगी पड़ गई. आर्मी चीफ के साथ सऊदी अरब गए नवाज से सऊदी किंग सलमान ने दो टूक पूछ लिया- आप हमारे साथ हैं या आतंकवाद का समर्थन करने वाले कतर के. जाहिर है, नवाज के लिए ये मुश्किल और शर्मसार करने वाला लम्हा था. वैसे बीते 20 दिन में नवाज तीन बार और किरकिरी करा चुके हैं. पिछले महीने के आखिर में सऊदी में ही नवाज से ट्रम्प ने बातचीत नहीं की, इस्लामिक-अमेरिका समिट में उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला और शी जिनपिंग ने पिछले दिनों कजाकिस्तान में उनसे

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कतर इतिहास में लंबे समय से आतंकवाद का वित्त पोषण करता आया है. उन्होंने इस छोटे से खाड़ी देश और अन्य देशों से कहा कि वे आतंक का वित्त पोषण तत्काल बंद करें. रोमानिया के राष्ट्रपति क्लॉस जोहानिस के साथ व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से ट्रंप ने कहा, ‘आतंकवाद का वित्त पोषण बंद करें, हिंसा का पाठ पढ़ाना बंद करें, हत्याएं करना बंद करें. ट्रंप ने आरोप लगाया कि आतंकवाद का सबसे ज्यादा वित्त पोषण कतर कर रहा है. ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं

सऊदी अरब, बहरीन, मिस्त्र और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर से रिश्ते खत्म करने का ऐलान कर दिया. चारों देशों ने कतर के साथ डिप्लोमेटिक रिश्तों के साथ जमीन, समुद्र और हवाई रिश्ते भी खत्म कर दिए. आतंकी और चरमपंथी संगठनों को समर्थन का आरोप लगाते हुए कतर के खिलाफ ये एक्शन लिया गया. सऊदी अरब ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सऊदी को आतंकवाद और कट्टरपंथ से बचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था. सऊदी ने कहा कि देश के साम्राज्य को बचाने के लिए ये कदम उठाया गया है. वहीं बहरीन ने कहा है कि वह

2022 में कतर में फीफा वर्ल्ड कप खेला जाना है। इस टूर्नामेंट के 5 साल पहले ही खलीफा स्टेडियम बनकर तैयार है। यह पूरा स्टेडियम एयर कंडीशन्ड (एसी) है। सबसे पहले यह स्टेडियम 1976 में बना था। इसे फीफा वर्ल्ड कप के लिए रिनोवेट किया गया है, जिस पर 70 मिलियन पाउंड (लगभग 580 करोड़ रुपए) की लागत आई। इसकी दर्शक क्षमता 40 हजार है। कतर में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। इसी वजह से स्टेडियम की छत भी नए तरीके से डिजाइन की गई है, जो सभी सीट्स को कवर करेगी। यहां नॉकआउट मैच खेले जाएंगे। शुक्रवार को