लगभग पूरे देश की जेलों में ही क्षमता से अधिक कैदी भरे हुए होने के कारण ये अनेक अव्यवस्थाओं का शिकार हो गई हैं। इससे जहां जेलों में अव्यवस्था और अपराध बढ़ रहे हैं वहीं अधिक भीड़ और दूषित वातावरण में रहने से कैदी विभिन्न रोगों के शिकार हो रहे हैं। पंजाब की जेलों के भी इसी समस्या का शिकार होने के कारण पंजाब सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद (आई.आई.एम.-ए.) को राज्य की 26 जेलों में भीड़ की समस्या दूर करने और इनके कायाकल्प संबंधी सुझाव देने को कहा था। इसने अपनी रिपोर्ट में पंजाब की जेलों में लंदन की

पाकिस्तान की ओर से रिहा किए गए चार भारतीय असैन्य कैदी भारत पहुंच गए। इन कैदियों के नाम सूरज राम, सोहन लाल, मोहम्मद मकबूल लोन और अब्दुल मजीद हैं। दरअसल, ये सभी गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे, जहां उनके साथ पाकिस्तानी जेलों में बुरा व्यवहार किया गया। इस बीच इन चारों कैदियों की सजा पूरी होने करीब 13 साल बाद रिहा कर दिया गया। पाकिस्तान ने ऐसे समय पर कैदियों को रिहा किया है, जब कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है।