देश के अब तक के सबसे बड़े कर सुधार की लॉन्चिंग का ऐतिहासिक मौका शुक्रवार को आधी रात को आ गया। रात के ठीक 12 बजते ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबाकर पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था की शुरुआत की। इस लॉन्चिंग के साथ ही देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो गई। तारों से सजी इस रात में ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को देश के सभी लोगों की साझी विरासत करार दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह किसी एक दल

दिल्ली एक राष्ट्र एक कर के सपने को पूरा करने वाला गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स-GST 1 जुलाई से लागू होने वाला है. पूरे देश में इस नई कर व्यवस्था को लागू करने के लिए मोदी सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है. जीएसीटी लागू करने के लिए 30 जून को आधी रात में संसद में विशेष आयोजन किया जाएगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि जीएसटी पर कई सरकारों ने अहम भूमिका निभाई है, लगभग सभी राज्यों में इसको लेकर कानून पारित हो चुका है. उन्होंने बताया कि केरल और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों में यह पारित

कार्यकाल खत्म होने से लगभग एक महीने पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दो और क्षमा याचिकाओं को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा खारिज की गई क्षमा याचिकाओं की कुल संख्या 30 पहुंच गई है. राष्ट्रपति ने इन याचिकाओं को मई के आखिरी हफ्ते में खारिज किया है. खारिज की गई याचिकाओं में पहला केस 2012 का है, जिसमें चार साल की एक बच्ची का रेप और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी. मामला इंदौर का है जिसमें तीन लोगों को दोषी पाया गया था. वहीं दूसरा केस पुणे का है, जिसमें कैब ड्राइवर पर अपने साथी के साथ मिलकर युवती

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोहना के दौला गांव में विकास योजनाओं की शुरुआत की। दौला गांव को राष्ट्रपति ने गोद लिया हुआ है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दोहला गांव में ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और हायर सेकेंडरी स्कूल का शिलान्यास किया। दौला में आयोजित कौशल विकास कार्यक्रम में राज्यपल कप्तान सिंह सोलंकी, सीएम मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी, विधायक तेजपाल तंवर भी मौजूद रहे। https://twitter.com/mlkhattar/status/870576123360542720

दिल्ली राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी को लोकतांत्रिक देश की अब तक की सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री बताते हुए उनकी निर्णायक क्षमता को याद किया. मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को सांगठनिक मामलों में तेजी से निर्णय लेने का परोक्ष संदेश देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री के काम करने के निणार्यक तरीके को याद किया, जिस कारण 1978 में कांग्रेस में दूसरा विभाजन होने के कुछ महीने बाद ही राज्य चुनावों में पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की. राष्ट्रपति ने विशिष्ट अतिथियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि वह 20वीं सदी की महत्वपूर्ण हस्ती थीं और भारत के लोगों के लिए अभी

दिल्ली राष्ट्रपति भवन में बुधवार को 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वि‍तरित किए गए. कुछ दिन पहले इन पुरस्कारों की घोषणा हुई थी, जिसमें अक्षय कुमार को बेस्ट एक्टर चुना गया था. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह शाम 6 बजे से शुरू हुआ. यहां मशहूर निर्देशक के. विश्वनाथ को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दि‍या गया. इसके अलावा सोनम कपूर की फिल्म 'नीरजा' को बेस्ट फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड का सम्मान मिला, जबकि फिल्म 'रुस्तम' के लिए अक्षय कुमार बेस्ट एक्टर चुने गए. 'दंगल गर्ल' जायरा वसीम के लिए भी ये नेशनल अवॉर्ड खास रहा. उनको बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड दिया गया है. वहीं