मुंबई लेखिका अरुंधती राय के खिलाफ किए गए अपने ट्वीट को लेकर पिछले दिनों चर्चा में आए बॉलिवुड ऐक्टर और सांसद परेश रावल एक बार फिर राय के खिलाफ बोलते नज़र आ रहे हैं. परेश रावल ने कहा है कि उन्हें लेखिका अरुंधती रॉय के खिलाफ किए गए अपने ट्वीट को लेकर किसी तरह का पछतावा नहीं है, क्योंकि लेखिका उस भारतीय सेना के बारे में गलत बातें कह रही हैं जो उन पर कभी पलटवार नहीं करेगी. परेश रावल ने पिछले दिनों एक ट्वीट किया, जो कश्मीर में आर्मी जीप से एक युवक को बांधकर घुमाने वाले मामले से जुड़ा था. परेश

कॉमेडी में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता परेश रावल का आज 67वां जन्मदिन है. अहमदाबाद पूर्व सीट से लोकसभा सांसद परेश रावल हर चीज में माहिर हैं चाहे विलेन का रोल हो या हास्य, या फिर चरित्र अभिनेता सभी रोल में एकदम लाजवाब दिखते हैं. परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ. 22 साल में पढ़ाई पूरी करने के बाद परेश मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे. उन दिनों उनकी एक्टिंग को देख कर कुछ लोगों ने कहा कि वो एक अच्छे एक्टर बन सकते हैं. उसके बाद

क्या अपनी बात सहज ढंग से खुलकर रखने पर जीप से बांधकर घुमाया जाना चाहिए? लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन रखने वाले लोग इसका जवाब 'नहीं' में देंगे. लेकिन इसी सवाल पर बीजेपी सांसद और एक्टर परेश रावल की राय कुछ अलग है. आर्मी जीप से कश्मीरी युवक को बांधकर घुमाए जाने के मामले को आगे बढ़ाते हुए परेश रावल ने एक असंवेदनशील ट्वीट किया है. https://twitter.com/SirPareshRawal/status/866345474722320388 परेश रावल ने लिखा, ''आर्मी जीप से पत्थरबाज़ों को बांधने की बजाय अरुंधति रॉय को बांधना चाहिए.'' कहां से शुरू हुआ मामला? अरुंधति रॉय लेखिका और समाजसेवी हैं, जो अक्सर कश्मीरियों के पक्ष में बोलती नज़र आती हैं. कुछ मीडिया