देश में अबतक 9.3 करोड़ से अधिक स्थायी खाता संख्या पैन को आधार से जोड़ा जा चुका है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक देश में पैनधारकों की संख्या 30 करोड़ है और इस हिसाब से अबतक 30 प्रतिशत पैन को आधार से जोड़ने के काम को पूरा कर लिया गया. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक इसमें से करीब तीन करोड़ पैन और आधार को जोड़ने के काम को जून और जुलाई में पूरा किया गया है. उसने कहा, आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख पांच अगस्त तक आयकर विभाग ने 9.3 करोड़ से अधिक पैन को आधार से

आधार नंबर को पैन नंबर से लिंक करने के बारे में ऐसा कहा जा रहा है कि 30 जून इसकी अंतिम तारीख है. मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं है. अगर 30 जून अंतिम तारीख नहीं है, बल्कि - एक जुलाई से पैन नंबर और आधार नंबर को लिंक करना जरूरी हो जायेगा. एक जुलाई से आधार और पैन को लिंक करना अनिवार्य हो जायेगा, और अगर लिंक नहीं किया गया, तो क्या होगा? इस संबंध में इनकम टैक्स की एक अधिसूचना में स्पष्ट लिखा है - अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो उस व्यक्ति को दिया गया आधार एकाउंट नंबर

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को स्पष्ट किया कि आगामी 1 जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने या नया स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए आधार नंबर का उल्लेख करना जरूरी होगा. आयकर विभाग की इस नीति निर्माता संस्था सीबीडीटी ने एक वक्तव्य जारी कर यह स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में केवल उन लोगों को आंशिक राहत दी है, जिनके पास आधार नंबर नहीं है, अथवा जिन्होंने आधार में पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे में टैक्स अधिकारी उन लोगों के पैन को निरस्त नहीं करेंगे. सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले

दिल्ली आधार को परमानेंट अकाउट नंबर यानी पैन से जोड़ने में दिक्कत हो रही है तो परेशान ना होइए. आयकर विभाग ने दावा किया है कि अब ये काम आसानी से हो सकेगा और इसके लिए सरल तरीका मुहैया करा दिया गया है. इस वर्ष बजट में आधार को पैन से जोड़ना अनिवार्य किया गया है. इसके लिए 30 जून तक की समय सीमा दी गयी है. ऐसा नहीं किया गया तो कुछ समय बाद आपका पैन अवैध करार कर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि 10 अंक और अक्षर को मिलाकर बना पैन एक नहीं, बल्कि कई-कई बनवा लिए जाते हैं