नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने पुराने नोट बदलने के लिए एक और मौका देने से साफ इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि अगर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने का फिर से मौका दिया गया, तो कालेधन पर काबू पाने के लिए की गई नोटबंदी का मकसद ही बेकार हो जाएगा. ऐसे में बेनामी लेनदेन और नोट जमा कराने में किसी दूसरे व्यक्ति का इस्तेमाल करने के मामले बढ़ जाएंगे और सरकारी विभागों को ये पता लगाने में दिक्कत होगी कि कौन से मामले वास्तविक हैं और कौन से फर्जी हैं. सरकार ने कहा कि

दिल्ली कालेधन पर लगाम और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदम से देश की अर्थव्यवस्था को करीब 5 लाख करोड़ का लाभ हुआ है. सरकार की एक उच्च स्तरीय आंतरिक आंकलन रिपोर्ट में यह बात कही गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री के अचानक लिए इस फैसले के वक्त हमारी अर्थव्यवस्था में करीब 17.77 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में थे. वहीं मई, 2017 आते-आते उपयोग किए जा रहे बैंक नोटों का मूल्य