वॉशिंगटन अमरीका ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने एक नए रॉकेट इंजन का परिक्षण किया है जो कि अमरीका तक पहुंचने वाली मिसाइल बनाने वाले प्रोजेक्ट का हिस्सा है. ये ख़बर एक ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव जारी है. ट्रंप प्रशासन लगातार उत्तर कोरिया के ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करता रहा है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय निंदा के बावजूद उत्तर कोरिया ने अपनी मिसाइल परीक्षण बढ़ा दिए हैं जिसका उद्देश्य अंतर महाद्वीपीय परमाणु मिसाइल बनाना है. अमरीकी अधिकारियों ने नाम ना बताने की शर्त पर कई एजेंसियों को बताया है कि

सिओल अमेरिका की चेतावनी और उसके साथ तनाव के बावजूद नॉर्थ कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण करने में लगा है. ताजा मामले में दक्षिण कोरिया ने बताया है कि नॉर्थ कोरिया ने एक और बलैस्टिक मिसाइल परीक्षण किया है. इस बार एक कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया गया है जो जापान सागर में जाकर गिरी है. अमेरिकी सैन्य मॉनिटर्स ने बताया कि जापान सागर में गिरने से पहले ये मिसाइल उत्तर कोरिया के समुद्री तट से 450 किमी. हवा में रही. तीसरे हफ्ते में यह उत्‍तर कोरिया का तीसर मिसाइल परीक्षण है. उत्‍तर कोरिया अमेरिकी युद्धपोत पर हमले की धमकी भी

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव कम होने की बजाय और बढ़ता ही जा रहा है. अमेरिका ने अपना दूसरा जंगीबेड़ा USS रोनाल्ड रीगन कोरियाई प्रायद्वीप की ओर बढ़ा दिया है. जो USS कार्ल विंसन के साथ सैन्य अभ्यास करेगा. हाल ही में उत्तर कोरिया की ओर से फिर से मिसाइल परीक्षण करने के बाद अमेरिका का यह कदम सामने आया है, अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. USS रोनाल्ड रीगन के क्षेत्र में पहुंचने पर विमान सैन्याभ्साय करेगा, लेकिन इसका ध्यान मुख्य रूप से सुरक्षित लॉन्च पर होगा. अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, 1,092 फुट के रीगन में 4,539 क्रू मेंबर

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने मिसाइल टेस्ट करने पर एक मत से उत्तर कोरिया की आलोचना की है और इसके साथ ही नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी है. आपको बता दें कि रविवार को किए गए परिक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने कहा था कि यह परिक्षण एक नए तरह के रॉकेट का था जो बड़े परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर उत्तर कोरिया से आगे और मिसाइल टेस्ट न करने की मांग की है. टेस्ट में ये मिसाइल 2000 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई और 700 किलोमीटर की

सिओल उत्तर कोरिया ने अपने पश्चिमी तट के पास एक बार फिर से मिसाइल का परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया की सेना ने इस बात की जानकारी दी. दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने उसके पश्चिमी तट से एक मिसाइल का परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि मिसाइल उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 700 किलोमीटर दूर पश्चिम-उत्तर में कुसोंग के नजदीक से छोड़ी गई. उत्तर कोरिया ने इस साल कई मिसाइल परीक्षण किए हैं. पिछले महीने भी उत्तर कोरिया ने दो परीक्षण किए थे, हालांकि ये नाकाम रहे थे और प्रक्षेपण

सिओल उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी है कि वह 'कहीं भी और किसी भी वक्त अगला परमाणु परीक्षण कर सकता है'. उसकी इस चेतावनी के बाद कोरियन प्रायद्वीप में युद्ध की संभावना बढ़ गई है. बीते कई हफ्तों से इस इलाके का संकट बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह है उत्तर कोरिया की लंबी रेंज की मिसाइल के रूप में अगले परमाणु परीक्षण की तैयारी करना और अमेरिका द्वारा सैन्य शक्ति के इस्तेमाल की प्रतिक्रियाओं को नजरअंदाज करना. उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने KCNA न्यूज एजेंसी को जारी किए बयान में कहा है कि उनका देश 'अमेरिका की ओर

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्वयुद्ध के नौसैनिक युद्ध के स्मरणोत्सव के मौके पर चेतावनी दी कि उनका देश और अमेरिका क्षेत्रीय शांति के लिए उत्तर कोरिया के ‘‘दुस्साहसी, खतरनाक खतरों’’ को बर्दाश्त नहीं करेगा. आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से लगातार नॉर्थ कोरिया के बर्ताव के कारण उसे पूरी दुनिया के कड़े रुख का सामना करना पड़ रहा है. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि नॉर्थ कोरिया के साथ बहुत बड़ा संघर्ष संभव है.

सिओल लगातार मिसाइल परीक्षण करके कड़े अमरिकी प्रतिबंध के खतरों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया ने शनिवार फिर दक्षिण प्योंगयाग प्रांत के बुकचांग क्षेत्र से मिसाइल परीक्षण किया. हालांकि माना जा रहा है कि यह परीक्षण नाकाम रहा है. अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने भी मिसाइल परीक्षण की पुष्टि की है. यह परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप में भारी तनाव और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘भीषण संघर्ष’ की चेतावनी के बीच हुआ है. साथ ही यह परीक्षण अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करने के कुछ ही घंटों के बाद हुआ है,

वॉशिंगटन नॉर्थ कोरिया से तनाव के बीच अमेरिका ने अब बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल अमेरिकी वायुसेना द्वारा बुधवार को कैलिफोर्निया में वेंडेनबर्ग वायुसेना बेस से छोड़ी गई. जिस मिसाइल का परिक्षण किया गया है वो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और इसने 4200 मील की दूरी तय की. इसकी पुष्टि करते हुए एक बयान में अमेरिकी वायुसेना ने कहा, 'यह मिसाइल परीक्षण हमारे राष्ट्र की परमाणु निवारक क्षमता का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है.' वायु सेना के अनुसार, नौसेना के एयरबोर्न लॉन्च कंट्रोल सिस्टम से मिनटमैन III इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्‍च किया गया. अमेरिका अपने

सिओल अमरीका ने दक्षिण कोरिया में आधुनिक टेक्नॉलॉजी वाले मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती का काम शुरू कर दिया है. उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे तनाव के बीच अमरीका ने ये कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में जिस जगह पर अमरीकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात की जा रही है, वहां सैंकड़ों स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया है. मिसाइल डिफेंस सिस्टम का साज़ोसामान लेकर जब गाड़ियों का काफिला दक्षिणी कोरिया में पहुंचा तो वहां स्थानीय लोगों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प भी हुई. ये जगह देश के दक्षिणी इलाके में स्थित है