दिल्ली हाइकोर्ट ने जेएनयू के पूर्व शिक्षाविद से नेता बने एक व्यक्ति द्वारा कॉपीराइट के उल्लंघन पर एक कानूनी वाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रतिवादी के रूप में नाम हटाने का अनुरोध खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया. संयुक्त रजिस्ट्रार संजीव अग्रवाल ने आदेश पारित करते हुए कहा कि आवेदन कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है, क्योंकि याचिकाकर्ता (शिक्षाविद) को प्रतिवादी चुनने का हक है. अपने कानूनी वाद में पूर्व जेएनयू छात्र अतुल कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि पटना स्थित 'एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा अपने सदस्य सचिव शैबाल गुप्ता के जरिये

पटना बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद लालू प्रसाद यादव को पटना हाईकोर्ट से दूसरा झटका लगा है। अदालत ने राजद द्वारा नीतीश कुमार की नई सरकार के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने इस यचिका को यह कहते हुए खारिज किया है कि राज्य में बहुमत साबित हो चुका है और कोर्ट इसमें अब हस्तक्षेप नहीं कर सकती। कोर्ट ने आगे कहा कि पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सरकार का गठन किया गया है। बता दें कि गठबंधन टूटने के बाद राजद ने नई सरकार के खिलाफ याचिका लगाई थी। राजद का तर्क था कि उसके पास ज्यादा

राजद और जदयू के बीच तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर मामला काफी आगे निकल गया है और अब गठबंधन में दरार साफ नजर आने लगी है. ताजा मामले में नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे. यहां तक की मंच पर नीतीश के ठीक पास लगी उनकी नेम प्लेट भी ढक दी गई. तेजस्वी कुछ दिनों पहले ही कैबिनेट बैठक में आए थे लेकिन आज के कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी काफी कुछ कह गई. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई वाला सत्तारूढ़ महागठबंधन नाजुक दौर में पहुंच गया है. नीतीश के जदयू ने रेल होटल

बिहार में महागठबंधन के भविष्य पर लटकी तलवार के बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे और बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का बचाव करते हुए नजर आए. एक न्‍यूज चैनल को दिए साक्षात्‍कार में राजद सुप्रीमो ने कहा कि लालू यादव ने कहा कि मेरे बारे में टेंडर की झूठी बातें फैलाई गई हैं, मैं इनके सामने झुकने वाला नहीं हूं. वहीं तेजस्वी यादव के मुद्दे पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तेजस्वी यादव का इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं बनता है, तेजस्वी को बिहार की जनता, राजद और महागठबंधन ने उपमुख्यमंत्री बनाया है. आपको बता

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन करने के बाद आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार कांग्रेस पर खुलकर हमला बोला है. नीतीश कुमार ने अपने बयान में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए जदयू को कांग्रेस ने भरोसे में नहीं लिया. नीतीश कुमार का कहना है कि विपक्ष की आज जो स्थिति है उसके लिए कांग्रेस खुद ही जिम्मेदार है. यहां यह गौरतलब है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार है और कांग्रेस, आरजेडी के साथ इस महागठबंधन में शामिल है. पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा, 'क्या विपक्ष की एकता के बिना कांग्रेस

दिल्ली राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियों के बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में लंच पर मुलाकात की है. नीतीश कुमार की इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म है. हालांकि, नीतीश कुमार पीएम मोदी के उस लंच में शामिल हुए जो मॉरीशस के पीएम प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में दिया गया. आपको बता दें कि कल नीतीश कुमार सोनिया गांधी की बैठक में नहीं गए, कल सोनिया गांधी की तरफ से बुलाई गई बैठक में विपक्ष के 17 बड़े नेता पहुंचे थे, लेकिन नीतीश कुमार इस बैठक से दूर रहे. ये सच है कि सोनिया गांधी