उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश के मुस्लिमों में असुरक्षा और घबराहट के माहौल पर चिंता व्यक्त की है। उप राष्ट्रपति के तौर पर उनका कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। उप राष्ट्रपति के तौर पर राज्ससभा टीवी को दिए अपने आखिरी इंटरव्यू में हामिद अंसारी ने कहा कि वह बढ़ती असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी उठा चुके हैं। लेकिन इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री और मेरी बातचीत को उजागर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी नागरिक को अपनी भारतीयता को साबित करना अखरता है। अगर हम भारत में रह रहे हैं तो यही हमारी

अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है. अकबरुद्दीन ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि संसद भवन में मुस्लिमों की बर्बादी के कानून बनते हैं. अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, “ऐ विश्व हिन्दू परिषद वालों, ऐ बजरंग दल वालों, ऐ नरेंद्र मोदी सुन ले ये मुल्क तेरे बाप की जागीर नहीं है. जितना ये मुल्क तेरा है उतना ही ये मुल्क मेरा भी है. अगर एक हिन्दू माथे पर तिलक लगा कर घूम सकता है तो मैं एक मुसलमान होकर अपने सिर पर टोपी

हिजबुल मुजाहिदीन के निष्‍कासित कमांडर  जाकिर मूसा ने एक चार मिनट की ऑडियो क्लिप जारी कर इस्‍लामिक जिहाद का हिस्‍सा नहीं बनने के लिए भारतीय मुसलमानों को जमकर कोसा है. सोमवार को जारी ऑडियो में मूसा  ने गज्‍वा-ए-हिंद (भारत को जीतने की अंतिम लड़ाई) का हिस्‍सा नहीं बनने के लिए भारतीय मुसलमानों को कोसा. हिजबुल मुजाहिदीन से निष्‍कासित किए जाने के बाद जाकिर मूसा की यह पहली ऑडियो क्लिप है. हाल में कथित गो-भक्‍तों द्वारा पशुओं को ले जा रहे कई मुस्लिमों की पिटाई के मामले सामने की घटनाओं पर जाकिर ने पीडि़तों के साथ नहीं खड़े होने पर भारतीय मुसलमानों

दिल्ली तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में 11 मई से जारी सुनवाई गुरुवार को खत्म हो गई. सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सभी पक्षों की दलीलों को सुना. इससे पहले बुधवार को संवैधानिक पीठ ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से पूछा कि क्या औरतें तीन तलाक को ना कह सकती हैं. पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील सिब्बल से चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने पूछा कि क्या महिलाओं को निकाहनामा के समय तीन तलाक को ना कहने का विकल्प दिया

दिल्ली तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) से पूछा कि क्या महिलाओं को निकाहनामा के समय तीन तलाक को ना कहने का विकल्प दिया जा सकता है. प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह भी कहा कि क्या सभी काजियों से निकाह के समय इस शर्त को शामिल करने के लिए कहा जा सकता है. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस खेहर ने सुनवाई के दौरान एआईएमपीएलबी के

दिल्ली तीन तलाक के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मंगलवार को भी जारी रही. इस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि तीन तलाक की प्रथा 1400 सालों से चली आ रही है, ऐसे में यह असंवैधानिक कैसे हो सकती है. अगर अयोध्या में राम का जन्म आस्था का विषय है तो तीन तलाक क्यों नहीं? इससे पहले केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक प्रथा को पूरी तरह खत्म कर देती है तो सरकार इसके लिए कानून बनाएगी. इसके साथ ही कहा कि

दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समाज में प्रचलित ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला की परंपरा की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर ऐतिहासिक सुनवाई दूसरे दिन भी जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही इस्लाम की विभिन्न विचारधाराओं में तीन तलाक को वैध बताया गया हो, लेकिन यह निकाह खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है. वहीं, मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि ट्रिपल तलाक में कोई आपसी सहमति नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 15 में स्टेट लॉ की बात करते है, लेकिन हम यहां पर्सनल लॉ पर चर्चा कर रहे हैं. याचिकाकर्ता ने कोर्ट