महज 5 घंटे की बारिश ने बेंगलुरु को पानी-पानी कर दिया। इतनी देर हुई लगातार बारिश ने पिछले दो दशकों का हुई 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रेकॉर्ड तोड़ दिया। इस दौरान शहर में 184 सेंटीमीटर बारिश हुई, यह मात्रा करीब उतनी है जितने की उम्मीद पूरे महीने के लिए थी। सोमवार रात 11 बजे से लेकर मंगलवार तड़के 4 बजे तक शहर में लगातार बारिश हुई। राज्य के डिजास्टर मॉनिटरिंग सेंटर के मुताबिक, इस महीने जितनी बारिश की उम्मीद की जा रही थी, उसकी 88 फीसदी महज 5 घंटों में हो गई। मंगलवार को पूरे दिन बादल छाए

उत्तराखंड में बारिश और सैलाब में अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले पौड़ी गढ़वाल में 6 की गई जान गई है. वहीं पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी लेवल 293 मीटर से ऊपर 293.30 पहुंच गया है. साथ ही बारिश से टिहरी डैम का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. टिहरी डैम की तरफ से टिहरी जिलाधिकारी को पत्र लिख कर अवगत कराया गया है कि लगातार पहाड़ों पर हो रही बारिश से डैम का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके बाद डैम से पानी छोड़ा जा सकता है. इसके

सप्ताह बाद हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना हो गया है। किसानों को राहत मिली है, पर निचले स्थानों पर निकासी होने से पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन पानी में फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त से 4 अगस्त तक रोपड़ आसपास बारिश की संभावना है। ज्ञानी जैल सिंह नगर की कंक्रीट की बनी सड़क पर पानी की निकासी होने से हर बार की तरह रविवार को भी बारिश का पानी जमा हो गया। कार चालक, दोपहिया चालकों को परेशानी हुई। जैल सिंह

लेट आया मानसून अभी भी एक्टिव नहीं हो रहा। मौसम विभाग की भविष्यवाणियां गलत साबित हो रही हैं। बुधवार को विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी पर ऐसा हुआ नहीं। अब शुक्रवार से रविवार तक बादल छाये रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। बारिश होने का असर टैंपरेचर पर पड़ा है। मंगलवार की तुलना में बुधवार को मैक्सिमम टैंपरेचर 2.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मिनिमम टैंपरेचर में भी वृद्धि हुई है। बुधवार रात राडार और सेटेलाइट से लिए गए चित्रों में भारी नमी वाले बादल नदारद दिखे। इन्हीं बादलों से बारिश होती है। बुधवार को मौसम

हिमाचल में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मंगलवार को प्रदेश भर में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. चंबा-सनवाल मार्ग धरशा और चंबा-पांगी मार्ग शुक्रराली नाले के पास बंद हो गया जबकि मंडी-कुल्लू वाया कटौला मार्ग 15 घंटे ठप रहा. बुधवार को भी प्रदेश के दस जिलों शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मंगलवार को हुई बारिश से प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को शिमला में अधिकतम तापमान 19.7, धर्मशाला में 27.8, ऊना में 30.0, नाहन में 25.4,

मानसून वक्त पर है और पूरे उत्तर भारत में जमकर बारिश हो रही है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में भी बरसात का दौर जारी है, जिसके चलते यमुना नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में करनाल प्रशासन बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही अलर्ट हो गया है। जिला डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि फिलहाल यमुना का जल स्तर सामान्य है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश का असर जल स्तर पर पड़ेगा और इसके नजदीक बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में हालात को काबू रखने

हिमाचल में बारिश से तबाही जारी है। मानसून से पहले ही मूसलाधार बारिश ने कहर मचा रखा है। सोमवार को दो और लोगों की मौत हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मंडी, रामपुर, कुल्‍लू में लगातार भारी बारिश हो रही है। बल्ह घाटी में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। यहां बाजार में पानी घुस गया है जबकि सड़कें नदी में तबदील हो गई है।बारिश से सुकेती खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका पानी साथ लगते इलाकों में घुस गया है। वहीं, रामपुर

प्रदेश में 28 जून तक मानसून दस्तक दे सकता है। इस बार मानसून में अच्छी वर्षा की उम्मीद की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून आने से पहले भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा होगी जो किसानों के लिए वरदान साबित होगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की जो गति है, यदि वह बनी रही तो छह-सात दिन बाद प्रदेश में फरीदाबाद-पलवल से शुरू होकर 5 जुलाई तक पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। इस बार प्रदेश में लगभग 442 मिलीमीटर वर्षा की संभावना विज्ञानियों ने जताई है जो हरियाणा में औसत