दिल्ली कतर में फंसे अपने नागरिकों को भारत एयरलिफ्ट के जरिए निकालेगा. इसके लिए अगले सप्ताह से विशेष अभियान चलाया जाएगा. हाल ही में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन समेत सात मुस्लिम राष्ट्रों ने कतर के साथ राजनयिक संबंध खत्म कर लिए थे, जिससे खाड़ी क्षेत्र में संकट गहरा गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कतर में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस 25 जून से आठ जुलाई तक केरल और दोहा के बीच विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी. इन भारतीयों को वापस स्वदेश लाने के लिए 186 सीटों वाली बोइंग 737

पासपोर्ट के लिए अब आप हिंदी में भी आवेदन कर सकते हैं. जी हां विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए हिंदी का भी एक प्रावधान रखा है. दरअसल, यह कदम हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अधिकारिक भाषा पर आधारित संसद समिति की नौवीं रिपोर्ट में भाषा को लेकर किए गए सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद उठाया गया है. रिपोर्ट साल 2011 में पेश की गई थी. अब लोग पासपोर्ट का एप्ल‍िकेशन हिंदी में डाउनलोड कर सकते हैं और भर सकते हैं. समिति द्वारा यह सुझाव दिया गया है कि पासपोर्ट बनाने वाले सभी दफ्तरों

दिल्ली चीन सरकार ने अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करने की मुहिम शुरू कर दी है. इस मुहिम के चलते उसकी कोशिश अगले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश के कई शहरों के नाम बदलने के साथ-साथ पुराने जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर दुनिया के सामने इन शहरों से हजारों साल पुराना नाता दिखाने की है. चीन की इस कोशिश पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है कि इस तरह से पड़ोसी देशों के शहरों का नाम बदलकर चीन अवैध कब्जों को वैध नहीं कर सकता. https://twitter.com/ANI_news/status/855012331700445184 चीन सरकार की इस मुहिम के चलते उसके विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह बहुत जल्द अरुणाचल

दिल्ली पाकिस्तान भले ही मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि भारत द्वारा जाधव के पास राजनयिक पहुंच के 15 बार के आग्रह को उसने अनसुना कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास जाधव के लोकेशन और स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यह चिंता की बात है. पाकिस्तान की सैनिक अदालत ने जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों