मध्यप्रदेश में किसानों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रतिदिन किसी न किसी किसान की मौत की खबर सामने आ रही है. अब तक, मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उसमें एक नाम और शामिल हो गया है, सीहोर में एक 50 वर्षीय किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी के फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली है. इससे पहले कर्ज से परेशान एक और किसान ने शनिवार को सागर जिले के खुराई इलाके में चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतक किसान प्रेमलाल अहिरवाल (24) निवासी

बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में पाकिस्तान की जीत पर आतिशबाजी और भारत विरोधी नारेबाजी करने वाले देशद्रोह के 15 आरोपियों को मंगलवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया. यहां से सभी को खंडवा जेल भेज दिया गया. कोर्ट पहुंचे आरोपियों को देख वहां मौजूद वकीलों व आमजन ने रोष जताया. लोगों का आक्रोश देख पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपियों को जेल भेजा गया. इधर कुछ वकीलों ने जिला अधिवक्ता संघ को आवेदन दिया है कि इन आरोपियों के पक्ष में कोई भी वकील पैरवी ना करे. सीएसपी बीपीएस परिहार ने बताया कि मंगलवार

मंदसौर घटना के विरोध में करैरा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से उलझीं कांग्रेस की विधायक शकुंतला खटीक के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. उन पर थाने को जलाने के लिए उकसाने, सरकारी काम में रुकावट और किसानों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगा है. खटीक से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह थाने में आग लगा दो

भोपाल मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के 9वें दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रदेश में शांति बहाली के लिए कल से मैं अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा. उन्होंने कहा, कल सुबह 11 बजे से मैं दशहरा मैदान में बैठूंगा और जनता से चर्चा करूंगा, दफ्तर में नहीं बैठूंगा. वहीं से सरकार चलाउंगा. स्थिति पर नजर रखी जाएगी और फैसले लिए जाएंगे. अनिश्चितकाल तक वहां बैठकर काम करूंगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जब भी किसानों पर संकट आया तो मैं घर में नहीं बैठा. उनके बीच गया और उनकी समस्याएं सुलझाईं.

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के लगातार छठे दिन हिंसा हो रही है. मंदसौर में एक दिन पहले फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी. इसके बाद गुस्साए किसानों ने बुधवार को जिले के बरखेड़ा पंत में एसपी और कलेक्टर के साथ धक्कामुक्की की. कलेक्टर को सिर पर मारा. उनके कपड़े भी फट गए. मामला यही नहीं थमा. फायरिंग में मारे गए एक शख्स के अंतिम संस्कार के बाद भीड़ पुलिस की ओर दौड़ी. पुलिस के कई जवान जान बचाने के लिए भागकर पिपलिया मंडी थाने लौट गए. थाने के बाहर 600 जवान और उतने ही किसान अामने-सामने हो गए. मीडियाकर्मियों

मध्य प्रदेश में जारी किसान आंदोलन में हिंसा का दौर थम नहीं रहा है. मंगलवार को मंदसौर में आंदोलनकारियों ने 8 ट्रक और 2 बाइक को आग के हवाले कर दिया. पुलिस और सीआरपीएफ पर पथराव भी किया. हालत पर काबू पाने के लिए सीआरपीएफ की फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए. इसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. एमपी के होम मिनिस्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस की तरफ से कोई फायरिंग नहीं हुई. बता दें कि किसान कर्ज माफी समेत कई मांगें कर रहे हैं. एक धड़े का सरकार से समझौता